टीकमगढ़, मोहसिन अहमद। शहर के कोतवाली थाना क्षेत्र अंतर्गत मोटे का मोहल्ला निवासी 44 वर्षीय जमील खान की शुक्रवार को इलाज के दौरान मौत हो गई। परिजनों का आरोप है कि 6 मई को हुई मारपीट में गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद पुलिस ने न तो एफआईआर दर्ज की और न ही समय पर कार्रवाई की।


मृतक के भाई असीम खान ने बताया कि 6 मई को मंसूरी कयामगाह के पास पुराने विवाद को लेकर शहादत खान और अन्य लोगों ने जमील खान के साथ मारपीट की थी। उन्होंने आरोप लगाया कि घटना के बाद घायल जमील को लेकर वे दोपहर करीब 2 से 3 बजे के बीच कोतवाली पहुंचे थे, लेकिन करीब एक घंटे तक भटकते रहे और उनकी कोई सुनवाई नहीं हुई। परिजनों का कहना है कि पुलिस ने घायल के बयान तक दर्ज नहीं किए।


परिजनों के अनुसार मारपीट में जमील खान के पैर में फ्रैक्चर हो गया था और उन्हें अंदरूनी चोटें भी आई थीं। हालत बिगड़ने पर उन्हें जिला अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया।


असीम खान ने बताया कि जमील डिस्को लाइट का काम करते थे, जबकि आरोपी पक्ष की एक महिला शादी और पार्टियों में गाने का काम करती है। करीब 15 दिन पहले दोनों पक्षों के बीच किसी बात को लेकर विवाद हुआ था, जिसके बाद यह घटना हुई।


घटना की सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया। परिजनों ने मांग की है कि 6 मई को दोपहर 2 से 4 बजे के बीच कोतवाली थाना परिसर के सीसीटीवी कैमरे जांचे जाएं, ताकि सच्चाई सामने आ सके।


वहीं कोतवाली थाना के सब-इंस्पेक्टर राजवीर सिंह ने पुरानी मारपीट की घटना की जानकारी होने से इनकार किया है। उन्होंने बताया कि शव का पोस्टमार्टम कराया जा रहा है और फिलहाल जीरो पर कायमी कर मामले की जांच शुरू कर दी गई है।