रायपुर। अंतरराष्ट्रीय पर्वतारोही और 'माउंटेन मैन' के नाम से अपनी पहचान बनाने वाले राहुल गुप्ता ने मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के खिलाफ रायपुर की अदालत में एक याचिका दायर की है। याचिका पर सुनवाई करते हुए अदालत ने मुख्यमंत्री को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है। मामले की अगली सुनवाई 11 अगस्त को निर्धारित की गई है।

राहुल गुप्ता का आरोप है कि मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और उनके आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल्स के माध्यम से जबलपुर के पर्वतारोही अंकित सेन को 'माउंटेन मैन' के रूप में प्रचारित किया गया, जिससे उनके कानूनी रूप से पंजीकृत 'माउंटेन मैन' ट्रेडमार्क और व्यक्तिगत पहचान को भारी नुकसान पहुँचा है।


2019 में पंजीकृत कराया था 'माउंटेन मैन' ट्रेडमार्क

राहुल गुप्ता के अनुसार, वर्ष 2014 में तत्कालीन छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह द्वारा खेल क्षेत्र में उनकी उत्कृष्ट उपलब्धियों के लिए उन्हें 'माउंटेन मैन' की उपाधि से सम्मानित किया गया था। इसके बाद उनकी कानूनी टीम ने 'माउंटेन मैन' नाम के ट्रेडमार्क के लिए आवेदन किया, जिसे वर्ष 2019 में भारत सरकार द्वारा आधिकारिक रूप से पंजीकृत कर लिया गया। उल्लेखनीय है कि राहुल गुप्ता ने 14 मई 2018 को दुनिया की सबसे ऊंची चोटी माउंट एवरेस्ट पर तिरंगा फहराया था। उनका दावा है कि बीते एक दशक में उन्होंने राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर 'माउंटेन मैन' के रूप में अपनी विशिष्ट पहचान स्थापित की है।


ट्रेड मार्क्स एक्ट के तहत अधिकारों के हनन का आरोप

याचिका में आरोप लगाया गया है कि मुख्यमंत्री कार्यालय की ओर से किसी अन्य व्यक्ति को 'माउंटेन मैन' के रूप में प्रचारित किए जाने से उनके ट्रेडमार्क अधिकारों, व्यक्तिगत पहचान और व्यावसायिक हितों का उल्लंघन हुआ है। इस संबंध में उन्होंने ट्रेड मार्क्स एक्ट, 1999 की धारा 28 और 29 के तहत अपने अधिकारों के हनन का हवाला दिया है। साथ ही व्यक्तित्व और प्रचार अधिकारों (Personality and Publicity Rights) के उल्लंघन की बात भी कही है।


'संवाद से नहीं निकला समाधान, इसलिए खटखटाया अदालत का दरवाजा'

राहुल गुप्ता ने बताया कि उन्होंने जून और अगस्त 2025 में मध्य प्रदेश के मुख्य सचिव तथा मुख्यमंत्री कार्यालय (CMO) को औपचारिक शिकायतें और रिमाइंडर भेजे थे। उन्होंने मांग की थी कि सोशल मीडिया से विवादित पोस्ट हटाई जाएं और मामले में स्पष्टीकरण जारी किया जाए। उन्होंने कहा, "हमने लगातार संवाद के माध्यम से इस विवाद को सुलझाने का प्रयास किया। ईमेल और पत्राचार के बावजूद जब कहीं सुनवाई नहीं हुई, तो अंततः हमें न्याय के लिए अदालत का दरवाजा खटखटाना पड़ा।" उनकी मुख्य मांग है कि मुख्यमंत्री सचिवालय सार्वजनिक रूप से यह स्पष्ट करे कि 'माउंटेन मैन' की आधिकारिक और कानूनी पहचान किसके पास है।