गुनौर, मोहम्मद मुस्तकीम। नगर में जे.के. सीमेंट कंपनी के भारी वाहनों की लगातार आवाजाही को लेकर नगरवासियों का आक्रोश मंगलवार को सड़क पर दिखाई दिया। भारी वाहनों से होने वाली सड़क दुर्घटनाओं में गोवंशों की लगातार मौत और हादसों के बढ़ते खतरे के विरोध में बड़ी संख्या में नगरवासियों ने चक्का जाम कर दिया। जाम के चलते सड़क के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतार लग गई और कुछ समय के लिए यातायात प्रभावित रहा।


नगरवासियों का आरोप है कि जे.के. सीमेंट के भारी वाहन लगातार नगर के मुख्य मार्गों से होकर गुजर रहे हैं। भारी वाहनों की तेज रफ्तार और लगातार आवाजाही के कारण हादसे का खतरा बना रहता है। सबसे अधिक चिंता सड़क पर घूमने वाले गोवंशों को लेकर है। लोगों के मुताबिक, इन भारी वाहनों की चपेट में आने से लगातार गोवंशों की जान जा रही है, जिससे नगरवासियों में नाराजगी बढ़ती जा रही है।

कई बार अधिकारियों को दे चुके हैं आवेदन

नगरवासियों का कहना है कि भारी वाहनों को नगर के मुख्य मार्ग से हटाकर बायपास मार्ग से निकालने की मांग को लेकर वे कई बार संबंधित अधिकारियों को आवेदन दे चुके हैं। इसके बावजूद समस्या का स्थायी समाधान नहीं हो पाया है। लोगों का सवाल है कि जब भारी वाहनों के आवागमन के लिए बायपास मार्ग उपलब्ध है, तो फिर उन्हें नगर के मुख्य मार्ग से क्यों निकाला जा रहा है।


तहसीलदार की समझाइश के बाद खुला जाम

चक्का जाम की सूचना मिलते ही प्रशासन और पुलिस मौके पर पहुंची। तहसीलदार संतोष अरिहा ने आक्रोशित नगरवासियों से चर्चा कर उनकी समस्याएं सुनीं। प्रशासन की ओर से समस्या के समाधान को लेकर आश्वासन और समझाइश दिए जाने के बाद नगरवासियों ने चक्का जाम समाप्त कर दिया। इसके बाद यातायात दोबारा सुचारु हो सका इस दौरान गुनौर पुलिस बल भी मौके पर तैनात रहा और पूरे घटनाक्रम पर नजर बनाए रखी।

स्थायी समाधान की मांग

नगरवासियों का कहना है कि केवल समझाइश और आश्वासन से समस्या का समाधान नहीं होगा। भारी वाहनों को नगर के अंदर प्रवेश से रोकने के लिए प्रशासन को ठोस व्यवस्था करनी चाहिए। लोगों ने मांग की है कि जे.के. सीमेंट सहित अन्य भारी वाहनों को नगर के मुख्य मार्ग के बजाय बायपास से गुजारा जाए, ताकि सड़क हादसों पर अंकुश लगाया जा सके और गोवंशों के साथ आम नागरिकों की सुरक्षा भी सुनिश्चित हो।