तिरुवनंतपुरम। केरल के 18वें इंटरनेशनल डॉक्यूमेंट्री एंड शॉर्ट फिल्म फेस्टिवल (आईडीएसएफएफके) से पहले विवाद खड़ा हो गया है। फेस्टिवल में दिखाई जाने वाली 31 फिल्मों को अभी तक केंद्रीय सूचना और प्रसारण मंत्रालय से सेंसर छूट नहीं मिली है, जिसके बिना इन फिल्मों को फेस्टिवल में नहीं दिखाया जा सकता।

केरल के सांस्कृतिक मामलों के मंत्री पी.सी. विष्णुनाथ ने इस मामले में जानकारी देते हुए कहा कि केरल राज्य चलचित्र अकादमी ने इन फिल्मों की मंजूरी के लिए केंद्रीय मंत्रालय को फिर से पत्र लिखा है। उन्होंने बताया कि केंद्र ने इन 31 फिल्मों के लिए न तो मंजूरी दी है और न ही औपचारिक रूप से मना किया है। देरी का कोई कारण भी नहीं बताया गया है।

मंत्री के अनुसार, सेंसर से छूट के लिए कुल 347 फिल्में जमा की गई थीं, जिनमें से बाकी सभी फिल्मों को मंजूरी मिल गई है। लेकिन 31 फिल्में अब भी अटकी हुई हैं। मंजूरी का इंतजार कर रही फिल्मों में 'पार्लियामेंट स्ट्रीट', 'सैनिटाइज्ड रिपब्लिक: कास्ट एंड कॉन्ट्रैक्ट्स', 'ग्लोब', 'मेमोरीज ऑफ ए विंडो', 'बर्ड्स ऑफ वॉर', 'पुट योर सोल ऑन योर हैंड एंड वॉक' और 'आवर लैंड' जैसी चर्चित डॉक्यूमेंट्री शामिल हैं।

बताया जा रहा है कि मंजूरी का इंतजार कर रही 31 फिल्मों में से 18 आधिकारिक तौर पर चुनी गई हैं, 9 इंटरनेशनल नॉन-फिक्शन कैटेगरी में हैं, 3 फेस्टिवल विनर्स कैटेगरी में हैं और एक नेपाल पैकेज का हिस्सा है।

बता दें कि 18वां आईडीएसएफएफके 25 से 30 सितंबर तक तिरुवनंतपुरम में आयोजित किया जाएगा। फेस्टिवल शुरू होने में अब कुछ ही दिन बाकी हैं, ऐसे में 31 फिल्मों की मंजूरी लटकने से आयोजकों और फिल्मकारों की चिंता बढ़ गई है। केरल सरकार ने केंद्र से जल्द मंजूरी देने की अपील की है ताकि फेस्टिवल तय कार्यक्रम के अनुसार सुचारू रूप से चल सके।