चेन्नई। तमिलनाडु पुलिस ने सिंगापुर के बिजनेसमैन लक्ष्मण पेरुमल के खिलाफ लुक आउट सर्कुलर जारी किया है। यह कार्रवाई तमिलगा वेट्री कझगम (टीवीके) के एक विधायक को राज्य सरकार के खिलाफ वोट देने के लिए रिश्वत देने की कथित कोशिश के मामले में की गई है। जांच अधिकारी इस हाई प्रोफाइल मामले की जांच का दायरा बढ़ा रहे हैं।पुलिस के अनुसार, लक्ष्मण पेरुमल जिनके सिंगापुर में रहने की बात कही जा रही है, उन पर इस साजिश में अहम भूमिका निभाने का शक है और पूछताछ के लिए उनकी तलाश है।

'लुक आउट सर्कुलर' इसलिए जारी किया गया है, ताकि अगर वह भारत में आने या यहां से बाहर जाने की कोशिश करें, तो इमिग्रेशन अधिकारी जांच एजेंसी को अलर्ट कर सकें। जांचकर्ताओं का आरोप है कि लक्ष्मण पेरुमल ने इस मामले से जुड़े अहम डिजिटल सबूतों को मिटाने की कोशिश की।

पुलिस का दावा है कि सिंगापुर में रहते हुए उन्होंने एक होटल के सीसीटीवी फुटेज को डिलीट करवाया और विधायक के साथ बातचीत से जुड़ी वॉट्सऐप चैट भी मिटा दी। अधिकारियों ने बताया कि फोरेंसिक एक्सपर्ट्स घटनाओं का क्रम पता लगाने के लिए उपलब्ध डिजिटल सबूतों की जांच कर रहे हैं, जिनमें इलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्ड और बातचीत की जानकारी शामिल है।

पुलिस का मानना ​​है कि लक्ष्मण पेरुमल के उन लोगों से संबंध थे जो टीवीके विधायक को सरकार के खिलाफ वोट देने के लिए मनाने की साजिश में शामिल थे। अधिकारियों ने कहा कि जांच जारी रहने के साथ-साथ उन्हें सही कानूनी प्रक्रिया के जरिए भारत लाने की कोशिशें भी की जा रही हैं।

यह मामला टीवीके के उथंगराई विधायक एन. इलैयाराजा द्वारा 29 जून को चेन्नई पुलिस कमिश्नर के पास दर्ज कराई गई शिकायत से शुरू हुआ। अपनी शिकायत में विधायक ने आरोप लगाया कि उन्हें विधानसभा में प्रस्तावित प्रस्ताव के दौरान स्पीकर के खिलाफ वोट देने के लिए 35 करोड़ रुपए की पेशकश की गई थी और प्रस्ताव ठुकराने पर उन्हें धमकी दी गई थी।

शिकायत के आधार पर ट्रिपलिकेन पुलिस ने भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम और भारतीय न्याय संहिता की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया।

जांच के दौरान, पुलिस ने आरोप लगाया कि मुख्य आरोपी थिरुनावुक्करसु ने तमिलनाडु के पूर्व मंत्री वी. सेंथिल बालाजी और उनके भाई आर.वी. अशोक कुमार के कहने पर इलैयाराजा से संपर्क किया था।

इस बीच, मद्रास हाईकोर्ट ने बुधवार को सेंथिल बालाजी और अशोक कुमार को अग्रिम जमानत दे दी और उन्हें जांच में सहयोग करने तथा जरूरत पड़ने पर जांच अधिकारी के सामने पेश होने का निर्देश दिया।

पुलिस ने साफ कर दिया है कि जांच जारी है और लक्ष्मण पेरुमल समेत अन्य आरोपियों का पता लगाने की कोशिशें तेज कर दी गई हैं। पेरुमल की भूमिका की भी जांच हो रही है।