जबलपुर। मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय ने लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग के अंतर्गत ऑपरेशन थिएटर (ओटी) टेक्नीशियन के 288 पदों पर चल रही भर्ती प्रक्रिया पर कड़ा रुख अपनाया है। कोर्ट ने अहम अंतरिम आदेश पारित करते हुए 31 मार्च 2026 को जारी की गई मेरिट लिस्ट और उसके आधार पर दी गई नियुक्तियों पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी है। इसके साथ ही अदालत ने राज्य शासन, संबंधित विभागों और मध्य प्रदेश कर्मचारी चयन मंडल सहित अन्य अनावेदकों को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है।
खेल शुरू होने के बाद नहीं बदले जा सकते नियम: याचिकाकर्ता की दलील
मामले की सुनवाई जस्टिस विवेक कुमार सिंह की एकलपीठ में हुई। याचिकाकर्ताओं की ओर से पैरवी करते हुए अधिवक्ता आर्यन उर्मलिया ने अदालत में तर्क दिया कि भर्ती का मूल विज्ञापन जारी होने के समय ओटी टेक्नीशियन पद के लिए विशिष्ट शैक्षणिक योग्यता और प्रमाण-पत्र संबंधी शर्तें निर्धारित थीं। अभ्यर्थियों ने इन्हीं शर्तों के आधार पर आवेदन किया और चयन प्रक्रिया में भाग लिया। भर्ती की मेरिट लिस्ट 31 मार्च 2026 को जारी हो चुकी थी, लेकिन इसके बाद शासन ने 10 अगस्त 2026 को राजपत्र अधिसूचना जारी कर पात्रता नियमों में संशोधन कर दिया। अधिवक्ता ने दलील दी कि चयन प्रक्रिया शुरू होने और मेरिट बनने के बाद नियमों में बदलाव करना संविधान के अनुच्छेद 14 और 16 में प्रदत्त समानता एवं अवसर के अधिकार का सीधा उल्लंघन है।
भविष्य की भर्तियों से आपत्ति नहीं, मौजूदा प्रक्रिया में संशोधन गलत
याचिकाकर्ताओं ने अदालत के समक्ष स्पष्ट किया कि निजी संस्थानों से प्राप्त योग्यता को यदि भविष्य की नई भर्तियों में मान्यता दी जाती है, तो उन्हें इस पर कोई आपत्ति नहीं है। उनका मुख्य विरोध केवल इस बात को लेकर है कि बाद में किए गए संशोधन को भूतलक्षी प्रभाव से वर्तमान भर्ती पर लागू किया जा रहा है। याचिकाकर्ताओं ने सुप्रीम कोर्ट के विभिन्न न्याय दृष्टांतों का हवाला देते हुए कहा कि जो अभ्यर्थी मूल विज्ञापन के समय निर्धारित अर्हता पूरी नहीं करते थे, उन्हें बाद में नियम बदलकर लाभ देना पूरी तरह असंवैधानिक है। इस संशोधन के आधार पर कुछ अभ्यर्थियों को नियुक्तियां भी दे दी गई थीं।
5 सितंबर को होगी अगली सुनवाई, मूल विज्ञापन के आधार पर मेरिट की मांग
जस्टिस विवेक कुमार सिंह की एकलपीठ ने मामले को प्रथमदृष्टया विचारणीय मानते हुए 31 मार्च 2026 की मेरिट सूची और उसके आधार पर जारी नियुक्तियों पर अंतरिम रोक लगा दी है। कोर्ट के इस आदेश के बाद अब आगामी आदेश तक आगे की नियुक्तियों की प्रक्रिया पूरी तरह ठप रहेगी। याचिकाकर्ताओं ने मांग की है कि 10 अगस्त 2026 के संशोधन को इस भर्ती से पृथक रखा जाए और मूल विज्ञापन की शर्तों के अनुसार ही नई मेरिट सूची जारी की जाए। मामले की अगली सुनवाई 5 सितंबर 2026 को नियत की गई है।




