नई दिल्ली। मेडिकल काउंसिल कमेटी (MCC) ने इस साल नीट यूजी (NEET UG 2026) की काउंसलिंग प्रक्रिया में कई क्रांतिकारी और महत्वपूर्ण बदलाव किए हैं। इन बदलावों का मुख्य उद्देश्य देश के मेडिकल कॉलेजों में एमबीबीएस (MBBS) और अन्य मेडिकल पाठ्यक्रमों की प्रवेश प्रक्रिया को पहले से अधिक सुगम, पारदर्शी और पूरी तरह डिजिटल बनाना है। नए नियमों के लागू होने से सीट अपग्रेड, सीट छोड़ने और एनआरआई (NRI) कोटे से जुड़ी औपचारिकताएँ अब ऑनलाइन संपन्न की जा सकेंगी, जिससे छात्रों को बार-बार आवंटित कॉलेजों के चक्कर काटने से मुक्ति मिलेगी और उनका समय तथा धन दोनों बचेगा।
सीट अपग्रेड के लिए अब फिजिकल रिपोर्टिंग की बाध्यता खत्म
एमबीबीएस काउंसलिंग प्रक्रिया में एमसीसी द्वारा सबसे बड़ा और राहत देने वाला फैसला सीट अपग्रेडेशन को लेकर लिया गया है। जिन उम्मीदवारों को प्रथम या किसी भी राउंड में सीट आवंटित हो जाती है, लेकिन वे अगले राउंड में बेहतर कॉलेज या मनपसंद कोर्स के लिए अपग्रेड का विकल्प चुनना चाहते हैं, उन्हें अब केवल अपनी सीट सुरक्षित रखने के लिए आवंटित मेडिकल कॉलेज में जाकर भौतिक रूप से (Physical Reporting) उपस्थित होने की आवश्यकता नहीं होगी। नई व्यवस्था के अंतर्गत अभ्यर्थियों की मौजूदा सीट काउंसलिंग सिस्टम में स्वतः सुरक्षित रहेगी और वे अगले राउंड की अपग्रेडेशन प्रक्रिया में हिस्सा ले सकेंगे। इस व्यवस्था से विशेष रूप से दूर-दराज के राज्यों और आर्थिक रूप से कमजोर पृष्ठभूमि वाले छात्रों को बड़ी राहत मिलेगी।
घर बैठे ऑनलाइन कर सकेंगे सीट 'Withdrawal' (सीट छोड़ना)
काउंसलिंग में लचीलापन लाते हुए एमसीसी ने ऑनलाइन सीट विड्रॉल (Withdrawal) की सुविधा भी प्रारंभ कर दी है। नियमों के तहत जो अभ्यर्थी आवंटित सीट छोड़ना चाहते हैं, वे अब निर्धारित समय-सीमा के भीतर सीधे एमसीसी के आधिकारिक पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन कर सकेंगे। पूर्व में सीट सरेंडर या छोड़ने के लिए छात्र को संबंधित मेडिकल कॉलेज में व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होना पड़ता था, लेकिन इस नई व्यवस्था से प्रक्रिया बेहद सरल और समय की बचत करने वाली हो गई है।
NRI कोटे के दस्तावेज सीधे पोर्टल पर होंगे अपलोड
डीम्ड यूनिवर्सिटीज में एनआरआई (NRI) कोटे के तहत आवेदन करने वाले अभ्यर्थियों के लिए भी प्रवेश प्रक्रिया को बेहद सुव्यवस्थित किया गया है। अब इसके लिए आवश्यक सभी महत्वपूर्ण दस्तावेज सीधे एमसीसी के ऑनलाइन पोर्टल पर ही अपलोड किए जा सकेंगे। पहले इन दस्तावेजों के भौतिक सत्यापन (Verification) में लंबी और जटिल औपचारिकताओं से गुजरना पड़ता था, जिससे काफी समय व्यर्थ होता था। ऑनलाइन डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन से प्रक्रिया में गति और पारदर्शिता दोनों आएगी।
राज्यों व केंद्र शासित प्रदेशों की एजेंसियों को सख्त निर्देश
एमसीसी ने देश के सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों की काउंसलिंग एजेंसियों को कड़े दिशा-निर्देश जारी किए हैं। एमसीसी ने स्पष्ट किया है कि सभी राज्य स्तरीय एजेंसियां अपने-अपने मेडिकल कॉलेजों की कुल सीटों, फीस स्ट्रक्चर, उपलब्ध पाठ्यक्रमों और अन्य अनिवार्य नियमों की स्पष्ट व पूर्ण जानकारी आधिकारिक पोर्टल पर आसानी से उपलब्ध कराएं, ताकि छात्र बिना किसी भ्रम के सही जानकारी के आधार पर अपने पसंदीदा कॉलेज और कोर्स का चयन कर सकें।




