भोपाल। मध्यप्रदेश शासन के राजस्व विभाग ने प्रशासनिक कसावट लाने के उद्देश्य से प्रदेश के विभिन्न जिलों में पदस्थ नायब तहसीलदारों के स्थानांतरण आदेश जारी किए हैं। 17 मार्च 2026 को जारी इस नवीन सूची के तहत कई अधिकारियों को पदोन्नत करते हुए विभिन्न जिलों में 'प्रभारी तहसीलदार' के रूप में अस्थायी जिम्मेदारी सौंपी गई है। विभाग का मानना है कि इस निर्णय से राजस्व न्यायालयीन कार्यों और मैदानी स्तर पर लंबित प्रकरणों के निराकरण में तेजी आएगी।
छानबीन समिति की अनुशंसा पर नई नियुक्तियां
राजस्व विभाग द्वारा स्पष्ट किया गया है कि ये नियुक्तियां विभागीय छानबीन समिति की गहन अनुशंसा के आधार पर की गई हैं। कुल 234 नई जिम्मेदारियों के साथ इन अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से अपने नवीन पदस्थापना स्थल पर कार्यभार ग्रहण करने के निर्देश दिए गए हैं। आगामी आदेश तक ये सभी अधिकारी संबंधित जिलों में अपनी सेवाएं देंगे। महत्वपूर्ण बात यह है कि स्थानांतरण नीति 2025 की अवधि समाप्त होने के बावजूद, विशेष परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए शासन ने यह कदम उठाया है।
प्रमुख जिलों में हुए बदलाव
तबादला सूची में ग्वालियर, इंदौर, बालाघाट, कटनी, बैतूल और जबलपुर जैसे महत्वपूर्ण जिलों के नाम शामिल हैं। प्रमुख बदलावों के तहत:
राजेश कौशिक: जबलपुर से स्थानांतरित कर मंडला भेजा गया।
कपिल शर्मा: छतरपुर से अब राजगढ़ जिले की जिम्मेदारी संभालेंगे।
इसके अतिरिक्त कई अधिकारियों को उनके वर्तमान गृह जिलों या कार्यक्षेत्रों में ही प्रभार सौंपकर यथावत रखा गया है ताकि स्थानीय राजस्व कार्यों में निरंतरता बनी रहे।
राजस्व कार्यों में आएगी गति
इस प्रशासनिक फेरबदल का मुख्य उद्देश्य प्रदेश के विभिन्न जिलों में राजस्व संबंधी न्यायालयीन कार्यों को सुचारू रूप से संचालित करना है। शासन को उम्मीद है कि नई नियुक्तियों और प्रभारों से जिला प्रशासन की कार्यक्षमता में वृद्धि होगी और आम जनता के राजस्व संबंधी कार्य समय-सीमा में पूर्ण हो सकेंगे।
(नोट: आधिकारिक सूची में तकनीकी कारणों से कुछ त्रुटियां संभावित हो सकती हैं, जिसकी पुष्टि संबंधित जिला कार्यालय से की जा सकती है।)
लिंक पर जाकर देंखें पूरी सूची: https://drive.google.com/file/d/1eL5run62crrfVko9OYQ6FhAVmaacdp6R/view?usp=sharing



