सतना, अंबिका केशरी। ऑनलाइन दवा बिक्री और होम डिलीवरी के विरोध में बुधवार को सतना जिला केमिस्ट एसोसिएशन के आह्वान पर जिलेभर की दवा दुकानों को बंद रखकर विरोध प्रदर्शन किया गया। देशव्यापी हड़ताल के तहत जिले की करीब 1475 मेडिकल दुकानों में पूरे दिन ताला लगा रहा। इसके बाद केमिस्ट एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने कलेक्ट्रेट पहुंचकर प्रधानमंत्री के नाम संबोधित ज्ञापन जिला प्रशासन को सौंपा और अवैध ऑनलाइन दवा बिक्री पर तत्काल रोक लगाने की मांग की।
एसोसिएशन के अध्यक्ष दीनदयाल तिवारी एवं सचिव नितिन पारेख ने बताया कि ऑल इंडिया ऑर्गेनाइजेशन ऑफ केमिस्ट्स एंड ड्रगिस्ट्स (AIOCD) तथा मध्यप्रदेश राज्य केमिस्ट एंड ड्रगिस्ट्स एसोसिएशन के आह्वान पर 20 मई 2026 को जिले के सभी दवा विक्रेताओं ने एक दिवसीय सांकेतिक हड़ताल की। उन्होंने कहा कि लंबे समय से इंटरनेट के माध्यम से अवैध रूप से दवाओं की बिक्री की जा रही है, जिसका विरोध किया जा रहा है।
ज्ञापन में कहा गया कि बिना स्पष्ट कानूनी प्रावधान के ऑनलाइन प्लेटफॉर्मों द्वारा दवाओं की बिक्री, फर्जी ई-प्रिस्क्रिप्शन और बिना चिकित्सकीय परामर्श के घर-घर दवा वितरण से जनस्वास्थ्य पर गंभीर खतरा उत्पन्न हो रहा है। साथ ही अत्यधिक छूट और प्रीडेटरी प्राइसिंग के कारण छोटे लाइसेंसी केमिस्ट और स्थानीय दवा व्यापारियों का अस्तित्व संकट में पड़ता जा रहा है।
एसोसिएशन का कहना है कि ड्रग्स एंड कॉस्मेटिक्स एक्ट 1940 एवं नियम 1945 में ऑनलाइन दवा बिक्री का कोई स्पष्ट प्रावधान नहीं है, इसके बावजूद कई ऑनलाइन कंपनियां वर्षों से दवाओं की बिक्री कर रही हैं। संगठन ने कोविड महामारी के दौरान जारी जीएसआर 220(ई) अधिसूचना का हवाला देते हुए कहा कि यह व्यवस्था केवल आपातकालीन परिस्थितियों के लिए थी, लेकिन वर्तमान में सामान्य परिस्थितियों में भी इसका दुरुपयोग कर ऑनलाइन होम डिलीवरी की जा रही है।
केमिस्ट एसोसिएशन ने कहा कि कोरोना महामारी जैसे कठिन समय में स्थानीय दवा विक्रेताओं ने जनता तक निर्बाध दवा आपूर्ति सुनिश्चित कर महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। संगठन ने केंद्र सरकार से जनहित, जनस्वास्थ्य और मरीजों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए ऑनलाइन दवा बिक्री के खिलाफ जल्द प्रभावी कार्रवाई करने की मांग की है।




