लखनऊ। उत्तर प्रदेश में मानसून एक बार फिर पूरी रंगत में लौट आया है। मंगलवार सुबह से नोएडा, मेरठ, गोंडा और सहारनपुर समेत राज्य के 15 से अधिक शहरों में रुक-रुक कर मूसलाधार बारिश हो रही है। बारिश के कारण राज्य के प्रमुख शहरों की सड़कों पर 2 से 3 फीट तक जलभराव हो गया है, जिससे जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया है।


सहारनपुर में डीएम ऑफिस तालाब बना, नोएडा-मेरठ में जलभराव से बेहाल लोग

सहारनपुर में तड़के 4 बजे से शुरू हुई 2 घंटे की मूसलाधार बारिश ने नगर निगम और जिला प्रशासन के दावों की पोल खोल दी। डीएम ऑफिस कैंपस से लेकर ऑफिसर्स कॉलोनी तक घुटनों तक पानी भर गया। इस कॉलोनी में जिला जज, कमिश्नर और नगर आयुक्त जैसे शीर्ष अधिकारियों के आवास हैं।


इसके अलावा अन्य शहरों की स्थिति भी चिंताजनक बनी हुई है:


नोएडा: सड़कों पर कमर तक पानी भर जाने से जनजीवन थम सा गया। जलभराव के बीच महिलाएं अपने स्कूली बच्चों को कंधों पर बैठाकर निकलती दिखीं, वहीं कई गाड़ियां आधी डूब गईं।

मेरठ: विकास प्राधिकरण के दफ्तर परिसर में जलभराव हो गया, वहीं कैंप कार्यालय के बाहर पानी भरने के कारण महापौर अंदर ही फंसे रहे।

रायबरेली: बारिश के चलते एक खेत में 2 फीट गहरा गड्ढा हो गया, जहां ग्रामीणों को एक प्राचीन सुरंग दिखाई दी। सूचना मिलने पर एएसआई (ASI) की टीम जांच के लिए मौके पर पहुंच गई है।


75 जिलों में अलर्ट जारी; उफान पर गंगा-यमुना और घाघरा

मौसम विभाग (IMD) ने मंगलवार को उत्तर प्रदेश के सभी 75 जिलों में बारिश का अलर्ट जारी किया है। इनमें से 7 जिलों में बहुत भारी बारिश और 53 जिलों में भारी बारिश की चेतावनी दी गई है।


पहाड़ी इलाकों और मैदानी भागों में लगातार हो रही बारिश से गंगा, यमुना, घाघरा और सरयू जैसी प्रमुख नदियां उफान पर हैं। लखीमपुर खीरी में शारदा नदी के कटान से लगभग 120 बीघा गन्ने की फसल नदी में समा गई है, जबकि बलिया में सरयू नदी का पानी तटवर्ती गांवों में प्रवेश कर गया है।