इंदौर। इंदौर की राजेंद्र नगर थाना पुलिस ने गुरुवार दोपहर एक बड़ी कार्रवाई करते हुए मध्य प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष जीतू पटवारी के छोटे भाई कुलभूषण उर्फ नाना पटवारी को गिरफ्तार कर लिया है। जानकारी के अनुसार, नाना पटवारी की यह गिरफ्तारी ड्रग सप्लाई से जुड़े एक बेहद गंभीर मामले में की गई है। बताया जा रहा है कि पुलिस की गिरफ्त में आए एक ड्रग सप्लायर ने पूछताछ के दौरान नाना पटवारी के नाम का खुलासा किया था, जिसके बाद पुलिस ने तत्काल दबिश देकर उन्हें हिरासत में ले लिया और पूछताछ के लिए किसी अज्ञात स्थान पर ले गई है। इस कार्रवाई के बाद प्रदेश की सियासत में उबाल आ गया है और कांग्रेस ने इसे सरकार द्वारा विपक्ष की आवाज दबाने की कोशिश करार दिया है।
कांग्रेस ने बताया राजनीतिक प्रतिशोध, जीतू पटवारी ने ली कानूनी सलाह
नाना पटवारी की गिरफ्तारी की भनक लगते ही प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने अपने कानूनी सलाहकारों से चर्चा शुरू कर दी है। कांग्रेस पार्टी ने इस पूरी कार्रवाई को राजनीतिक प्रतिशोध से प्रेरित बताते हुए राज्य सरकार पर तीखा हमला बोला है। पार्टी नेताओं का तर्क है कि जीतू पटवारी ने हाल ही में प्रदेश में व्याप्त कथित भ्रष्टाचार और उज्जैन जमीन खरीद मामले को लेकर एक बड़े आंदोलन की घोषणा की थी, जिससे बौखलाकर सरकार ने दबाव बनाने के लिए उनके भाई के खिलाफ यह दमनकारी कार्रवाई कराई है। मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए जीतू पटवारी ने कहा कि मध्य प्रदेश भाजपा अब 'बदला' लेने की राजनीति पर उतर आई है। वहीं, राज्यसभा सांसद और वरिष्ठ अधिवक्ता विवेक तन्खा ने भी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लिखा कि इस तरह की कार्रवाई भविष्य में गंभीर परिस्थितियां पैदा कर सकती हैं और ऐसी गलत परंपराओं से बचा जाना चाहिए।
नाना पटवारी पर दर्ज हैं हत्या के प्रयास सहित 10 आपराधिक मामले
गिरफ्तार किए गए कुलभूषण उर्फ नाना पटवारी का पुराना आपराधिक रिकॉर्ड रहा है और उनके खिलाफ पहले से ही हत्या के प्रयास सहित करीब 10 गंभीर मामले दर्ज हैं। वर्ष 2023 के विधानसभा चुनाव के दौरान भी पुलिस ने उन्हें सात साल पुराने हत्या के प्रयास के एक मामले में फरार रहने के आरोप में गिरफ्तार किया था। इसके अलावा, साल 2025 में इंदौर के तेजाजी नगर थाने में नाना पटवारी और उनके दो सहयोगियों के खिलाफ एक और एफआईआर दर्ज की गई थी। इस मामले में शिकायतकर्ता नरेंद्र मेहता ने आरोप लगाया था कि नाना और उनके साथियों ने धोखे से उनकी कीमती जमीन पर कब्जा करने का प्रयास किया और विरोध करने पर जान से मारने की धमकी दी थी।
महिला से छेड़छाड़ और घर में जबरन घुसने का भी है आरोप
नाना पटवारी के खिलाफ पूर्व में महिला उत्पीड़न का भी संगीन मामला दर्ज हो चुका है। नवंबर 2018 में उनके खिलाफ धारा 354 (क) के तहत केस दर्ज किया गया था। तब एक पीड़ित महिला ने आरोप लगाया था कि नाना पटवारी अपने साथी क्रुणाल पटवारी, चेतन पटवारी, सुदील चौधरी, गब्बू पटवारी और अन्य 40-50 लोगों के साथ कार व बाइकों से उनके घर पहुंचे थे। आरोप के मुताबिक, ये सभी लोग जबरन घर के भीतर घुस आए, जिसमें नाना के हाथ में पिस्टल और बाकी साथियों के हाथों में चाकू व तलवारें थीं। महिला ने आरोप लगाया था कि इस दौरान नाना पटवारी ने बुरी नीयत से उनका हाथ पकड़ा था।
हाई-प्रोफाइल 'खुशी सुसाइड केस' और ड्रग कनेक्शन से दोबारा जुड़े तार
जुलाई 2018 में इंदौर के महालक्ष्मी नगर स्थित एक फ्लैट में 37 वर्षीय खुशी कूलवाल नामक महिला ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली थी। हाई-प्रोफाइल पार्टियों में सक्रिय रहने वाली खुशी के सुसाइड केस की जांच के दौरान भी कुलभूषण उर्फ नाना पटवारी का नाम सामने आया था, हालांकि तब पूछताछ के बाद उन पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई थी। साल 2025 में यह मामला एक बार फिर तब गरमा गया जब पुलिस ने ड्रग कनेक्शन सहित अन्य नए पहलुओं पर दोबारा जांच शुरू की। पुलिस इस बात की गहराई से पड़ताल कर रही है कि इन हाई-प्रोफाइल पार्टियों का ड्रग नेटवर्क से क्या संबंध है, खुशी कूलवाल किन-किन रसूखदारों के संपर्क में थी और उसकी आत्महत्या के ठीक पहले की परिस्थितियों में किन लोगों की क्या भूमिका रही थी।






