छिंदवाड़ा। छिंदवाड़ा स्थित शासकीय आदिवासी महिला औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान (आईटीआई) के भ्रमण के दौरान मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने प्रशिक्षु छात्राओं से सीधा संवाद किया। उन्होंने कहा कि तकनीकी शिक्षा और कौशल विकास देश की युवा शक्ति को आत्मनिर्भर बनाने का सबसे सशक्त और प्रभावी माध्यम है।


प्रयोगशालाओं का अवलोकन और छात्राओं से सीधा संवाद

मुख्यमंत्री ने संस्थान की विभिन्न प्रयोगशालाओं का निरीक्षण किया और प्रशिक्षण ले रही छात्राओं का उत्साहवर्धन किया: मैकेनिकल लैब में सीआरडीआई फोर-स्ट्रोक डीजल इंजन तथा लेथ मशीन पर काम कर रही छात्राओं के कौशल की उन्होंने प्रशंसा की। फिटर ट्रेड की छात्रा सुषमा उइके और राधा उड़के से बातचीत में सीएम ने कहा कि तकनीकी दक्षता हासिल करने के बाद भी खेती-किसानी और अपनी जड़ों से जुड़ाव बनाए रखें। राधा ने भविष्य में स्वयं की टेक्निशियन मशीन और हार्डवेयर वर्कशॉप स्थापित करने का संकल्प व्यक्त किया। छात्रा मीना करवेती ने मुख्यमंत्री को 'मुख्यमंत्री सीखो-कमाओ योजना' और 'प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना' से मिल रहे लाभ और पंखा मरम्मत, वायरिंग जैसे कार्यों के व्यावहारिक अनुभव की जानकारी दी।


'वेस्ट टू आर्ट' नवाचार और पौधरोपण

फिटर ट्रेड की प्रशिक्षुओं ने ‘वेस्ट टू आर्ट’ अवधारणा के तहत कबाड़ से निर्मित आकर्षक गिटार और तोप मुख्यमंत्री को स्मृति चिह्न के रूप में भेंट की, जिसकी सीएम ने जमकर सराहना की। भ्रमण के दौरान मुख्यमंत्री ने आईटीआई परिसर में मलबरी (शहतूत) का पौधा रोपित कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया।


कार्यक्रम में प्रमुख हस्तियों की मौजूदगी

इस अवसर पर लोक निर्माण मंत्री एवं छिंदवाड़ा जिला प्रभारी राकेश सिंह, सांसद विवेक बंटी साहू, मुख्य सचिव अशोक बर्णवाल, संभागायुक्त धनंजय सिंह सहित कई प्रशासनिक अधिकारी और जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।


मुख्यमंत्री ने अंत में कहा कि युवाओं की जिम्मेदारी केवल अपना जीवन संवारना नहीं, बल्कि अपने ज्ञान और हुनर से समाज में सकारात्मक बदलाव लाना भी है।