छतरपुर(संदीप यादव)। कोतवाली पुलिस ने साइबर फ्रॉड के मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। आरोपी के कब्जे से फ्रॉड में इस्तेमाल किया जा रहा मोबाइल फोन, अलग-अलग बैंकों के 6 एटीएम कार्ड और चार बैंक खातों से संबंधित जानकारी बरामद हुई है। पुलिस द्वारा अधिकृत पोर्टल पर जांच करने पर इन बैंक खातों और एटीएम कार्ड से जुड़ी विभिन्न राज्यों की 9 साइबर शिकायतें दर्ज मिली हैं।
पुलिस के मुताबिक सूचना मिली थी कि झांसी-छतरपुर हाईवे पर लाइफलाइन हॉस्पिटल के पास एक संदिग्ध व्यक्ति साइबर फ्रॉड से जुड़ी गतिविधियों में संलिप्त है। सूचना पर कोतवाली पुलिस टीम मौके पर पहुंची। पुलिस को देखकर संदिग्ध ने भागने का प्रयास किया, लेकिन टीम ने घेराबंदी कर उसे पकड़ लिया।
तलाशी के दौरान संदिग्ध के पास से एक मोबाइल फोन और अलग-अलग बैंकों के 6 एटीएम कार्ड मिले। जांच में एटीएम कार्ड अलग-अलग व्यक्तियों के नाम पर पाए गए। इसके अलावा चार बैंक खातों से संबंधित जानकारी भी बरामद हुई। पुलिस ने जब इनका विवरण अधिकृत पोर्टल पर जांचा तो इनसे संबंधित 9 साइबर शिकायतें सामने आईं।
पुलिस ने आरोपी की पहचान अंकुश विश्वकर्मा पिता राकेश विश्वकर्मा, निवासी ग्राम उमरी, तहसील नागौद, जिला सतना के रूप में की है। आरोपी को गिरफ्तार कर थाना कोतवाली में भारतीय न्याय संहिता की संबंधित धाराओं के तहत धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया गया है।
युवकों के खाते किराए पर लेकर करता था पैसों का ट्रांजेक्शन
कोतवाली थाना प्रभारी निरीक्षक सतीश सिंह ने बताया कि आरोपी साइबर फ्रॉड के लिए युवकों के बैंक खाते किराए पर लिया करता था। इसके बदले खाताधारकों को कुछ रुपये दिए जाते थे और बाद में उनके खातों का इस्तेमाल रकम जमा करने, ट्रांसफर करने और निकालने के लिए किया जाता था। इस तरह साइबर फ्रॉड से जुड़ी रकम को एक खाते से दूसरे खाते में भेजा जाता था।
टीआई के मुताबिक आरोपी से मिले कुछ बैंक खातों पर विभिन्न राज्यों से प्रतिबंध लगाया जा चुका था। जब किसी खाते में साइबर शिकायत के कारण रकम होल्ड हो जाती या खाते पर प्रतिबंध लग जाता था तो आरोपी उससे संबंधित एटीएम कार्ड को तोड़कर फेंक देता था।
सहयोगी की तलाश में जुटी पुलिस
पूछताछ के दौरान पुलिस को साइबर फ्रॉड में आरोपी के एक अन्य सहयोगी के संबंध में भी जानकारी मिली है। पुलिस उसकी तलाश कर रही है। साथ ही यह भी पता लगाया जा रहा है कि आरोपी ने अब तक कितने लोगों के बैंक खाते किराए पर लिए और इन खातों से कितनी रकम का लेन-देन किया गया।
इस कार्रवाई में कोतवाली थाना प्रभारी निरीक्षक सतीश सिंह, साइबर प्रभारी उप निरीक्षक नेहा सिंह गुर्जर सहित साइबर सेल और कोतवाली पुलिस टीम की महत्वपूर्ण भूमिका रही। मामले में पुलिस की जांच और विवेचना जारी है।




