अंकारा। उत्तरी अटलांटिक संधि संगठन (नाटो) के सेक्रेटरी जनरल मार्क रूटे ने तुर्की की राजधानी अंकारा में आयोजित रक्षा उद्योग फोरम में रक्षा क्षेत्र से जुड़े 'नए बड़े प्रोजेक्ट्स' की घोषणा की है।रक्षा उद्योग फोरम की शुरुआत करते हुए रूटे ने कहा, "एक साल पहले द हेग में सहयोगी देशों ने 2035 तक रक्षा और सुरक्षा पर अपनी जीडीपी का पांच प्रतिशत खर्च करने की प्रतिबद्धता जताई थी। हमने रक्षा उत्पादन और नई तकनीकों को बढ़ाने पर भी सहमति बनाई थी। अब एक साल बाद हम इसके नतीजे सामने ला रहे हैं।"
इतालवी समाचार एजेंसी एडनक्रोनोस के अनुसार, रूटे ने कहा, "हमारे पास दिखाने के लिए बहुत कुछ है। आज और कल हम अरबों डॉलर के कई समझौतों पर हस्ताक्षर करेंगे। इससे हमारी अर्थव्यवस्था को बढ़ावा मिलेगा, हमारी सुरक्षा मजबूत होगी और लाखों नहीं बल्कि सैकड़ों हजारों नौकरियां पैदा होंगी। ये नाटो देशों की मिलकर बनाई गई क्षमताएं हैं, जो आपसी सहयोग से हासिल की गई हैं।"
उन्होंने जिन प्रोजेक्ट्स की घोषणा की, उनमें एक 'इन-फ्लाइट रिफ्यूलिंग प्लेटफॉर्म' और गठबंधन के अंदर सैन्य उपकरणों को तेजी से एक जगह से दूसरी जगह पहुंचाने की व्यवस्था शामिल है। इसमें कई नाटो सदस्य देश मिलकर काम करेंगे।
फिनलैंड अब मल्टीनेशनल मल्टी-रोल टैंकर ट्रांसपोर्ट (एमआरटीटी) बेड़े में शामिल हो गया है। इस एमआरटीटी बेड़े में अब नौ देश शामिल हैं, जिनमें बेल्जियम, चेक रिपब्लिक, डेनमार्क, फिनलैंड, जर्मनी, लक्जमबर्ग, नीदरलैंड्स, नॉर्वे और स्वीडन शामिल हैं। इन देशों ने बताया कि जल्द ही दसवां एयरबस ए330 एमआरटीटी विमान बेड़े में शामिल किया जाएगा। इसके बाद यह बेड़ा अपने 12 विमानों की पूरी क्षमता के करीब पहुंच जाएगा।
इसके अलावा, अगले पांच सालों में ड्रोन रोधी (एंटी ड्रोन) क्षमताओं पर 40 अरब डॉलर से ज्यादा निवेश करने की घोषणा की गई है। इसका लक्ष्य 2027 के अंत तक ड्रोन ऑपरेटरों की संख्या को पांच गुना बढ़ाना है।
तेजी से खरीद प्रक्रिया के लिए नाटो एक ऐसा एंटी-ड्रोन मार्केट तैयार करेगा, जहां ऐसे परीक्षण किए गए सिस्टम उपलब्ध होंगे, जो नाटो के मानकों के अनुसार काम कर सकें।
ड्रोन ऑपरेटर्स की ट्रेनिंग के लिए नाटो देश 'नाटो फ्लाइट ट्रेनिंग यूरोप' (एनएफटीई) पहल का भी इस्तेमाल करेंगे। यह कार्यक्रम पहले से ही पायलटों और अन्य उड़ान कर्मियों को प्रशिक्षण देता है और अब इसे ड्रोन ऑपरेटर्स की ट्रेनिंग के लिए भी बढ़ाया जाएगा। फोरम के दौरान फिनलैंड, फ्रांस और स्वीडन भी एनएफटीई पहल में शामिल हो गए। इसके साथ इसमें शामिल देशों की संख्या 20 हो गई है।
इसके अलावा, नाटो सपोर्ट एंड प्रोक्योरमेंट एजेंसी (एनएसपीए) ने सहयोगी देशों के लिए निगरानी करने वाले ड्रोन खरीदने के लिए 'सैकड़ों मिलियन डॉलर' का एक अनुबंध भी दिया है।




