नई दिल्ली। केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की खबर आते ही दिल्ली के जंतर-मंतर पर आंदोलन कर रहे छात्रों के बीच जश्न का माहौल बन गया। प्रदर्शनकारी विद्यार्थियों ने 'छात्र एकता जिंदाबाद' के नारे लगाए और उत्साह जताया। इस दौरान NEET (नीट) पेपर लीक मामले के कारण हताश होकर अपनी जान गंवाने वाले साथी छात्रों की आत्मशांति के लिए 2 मिनट का मौन रखकर श्रद्धांजलि दी गई।
कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दीपके ने इस सफलता पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि जो लोग कहते थे कि इस सरकार में इस्तीफे नहीं होते, आज उन्हें जवाब मिल गया है कि 'झुकती है दुनिया, झुकाने वाला चाहिए'। उन्होंने साफ किया कि आंदोलन अभी खत्म नहीं हुआ है और उनकी दो प्रमुख मांगे—पेपर लीक के चलते जान गंवाने वाले छात्रों के परिवारों को 1-1 करोड़ रुपये का मुआवजा देना और प्रदर्शनकारी छात्रों पर दर्ज सभी केस वापस लेना—जब तक पूरी नहीं हो जातीं, तब तक धरना समाप्त नहीं किया जाएगा।
इस्तीफे से कुछ देर पहले जंतर-मंतर पर शनिवार दोपहर उस समय स्थिति तनावपूर्ण हो गई, जब प्रदर्शनकारियों ने उग्र रूप धारण कर लिया। दोपहर करीब 1:30 बजे LIC (भारतीय जीवन बीमा निगम) बिल्डिंग के पास अचानक प्रदर्शनकारियों ने सुरक्षा में तैनात पुलिस बल पर पथराव शुरू कर दिया और आसपास खड़ी गाड़ियों में तोड़फोड़ की। इस दौरान उपद्रवियों ने पुलिस द्वारा लगाए गए सुरक्षा बैरिकेड्स भी तोड़ दिए, जिससे माहौल बेहद अफरा-तफरी भरा हो गया।
हिंसक होती भीड़ और बेकाबू हालात पर नियंत्रण पाने के लिए पुलिस को मजबूरीवश लाठीचार्ज करना पड़ा और प्रदर्शनकारियों को खदेड़ने के लिए आंसू गैस के गोले भी दागे गए। इस तीखी झड़प और लाठीचार्ज की चपेट में आने से कई प्रदर्शनकारियों को गंभीर चोटें आई हैं, वहीं पत्थरबाजी में कई पुलिसकर्मी भी घायल हुए हैं। घटना के बाद इलाके में भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया है और स्थिति को नियंत्रण में लिया जा रहा है।
आंदोलन का नेतृत्व कर रहे कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के मोर्चे पर एक बड़ा घटनाक्रम सामने आया है। CJP के संस्थापक अभिजीत दीपके को टाइफाइड हो गया है, जिसकी जानकारी उन्होंने शनिवार को एक वीडियो जारी कर दी है। इसी बीच, आज दोपहर 3:30 बजे सरकार और CJP के प्रतिनिधियों के बीच तीसरे दौर की अहम बैठक होने जा रही है। CJP ने अपना रुख स्पष्ट करते हुए कहा है कि यदि केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान अपने पद से इस्तीफा नहीं देते हैं, तो सरकार के साथ किसी भी बातचीत का कोई मतलब नहीं है और जरूरत पड़ने पर 20 जुलाई की तर्ज पर दोबारा बड़ा आंदोलन किया जाएगा।
मुआवजे और केस वापसी पर आज लिखित समझौते की उम्मीद
बीते दिन हुई वार्ता के बाद CJP ने दावा किया था कि केंद्र सरकार ने आंदोलन के दौरान जान गंवाने वाले छात्रों के परिवारों को 1-1 करोड़ रुपये का मुआवजा देने तथा प्रदर्शनकारियों के खिलाफ दर्ज सभी मुकदमे वापस लेने पर सहमति जताई है। CJP प्रवक्ता आशुतोष रांका ने कहा कि संगठन को उम्मीद है कि आज होने वाली बैठक में इन दोनों मांगों पर सरकार की ओर से लिखित समझौता मिल जाएगा। हालांकि, मुख्य मांग यानी शिक्षा मंत्री के इस्तीफे पर सरकार के अंतिम जवाब का इंतजार किया जा रहा है।



