अजयगढ़, मोहम्मद मुस्तकीन। अजयगढ़ के कड़रहा गांव में हाल ही में हुए दर्दनाक कुआं हादसे में पांच मजदूरों की मौत के बाद भी प्रशासन ने कोई सबक नहीं लिया है। हादसे में मिट्टी धंसने से पांच मजदूर जिंदा दफन हो गए थे, जिससे पूरे क्षेत्र में शोक की लहर फैल गई थी। किसी परिवार का कमाने वाला बेटा चला गया तो कहीं बच्चों के सिर से पिता का साया उठ गया। इस हादसे ने पूरे प्रदेश को झकझोर दिया था, लेकिन इसके बावजूद जिम्मेदार विभागों की लापरवाही अब भी जारी है।


अजयगढ़ नगर के मुख्य मार्ग किनारे नगर परिषद के अधीन एक पुरानी और जर्जर बावड़ी में इन दिनों निर्माण कार्य कराया जा रहा है। बताया जा रहा है कि यह कार्य टेंडर प्रक्रिया के तहत कराया जा रहा है, लेकिन यहां मजदूरों की सुरक्षा के कोई इंतजाम नजर नहीं आ रहे हैं। मजदूर बिना हेलमेट, सेफ्टी बेल्ट और अन्य सुरक्षा उपकरणों के गहरी बावड़ी में उतरकर काम कर रहे हैं। बावड़ी की हालत भी बेहद खस्ता है और वह कई जगह से पहले ही धंस चुकी है।


स्थानीय लोगों का कहना है कि पिछले करीब एक महीने से यह कार्य लगातार जारी है। नगर परिषद के सीएमओ कई बार मौके का निरीक्षण भी कर चुके हैं, लेकिन मजदूरों की सुरक्षा को लेकर कोई गंभीरता नहीं दिखाई गई। ऐसे में सवाल उठ रहे हैं कि क्या प्रशासन किसी और बड़े हादसे का इंतजार कर रहा है।


मेहनत मजदूरी कर परिवार का पालन-पोषण करने वाले मजदूर रोज अपनी जान हथेली पर रखकर काम करने को मजबूर हैं। यदि समय रहते सुरक्षा के उचित इंतजाम नहीं किए गए तो अजयगढ़ में फिर किसी बड़े हादसे से इनकार नहीं किया जा सकता। स्थानीय नागरिकों ने प्रशासन से मांग की है कि निर्माण कार्य में सुरक्षा मानकों का पालन सुनिश्चित कराया जाए ताकि दोबारा किसी परिवार का चिराग मौत के कुएं में दफन न हो।