सोल। उत्तर कोरिया की सरकारी मीडिया ने सोमवार सुबह तक देश के हालिया मिसाइल लॉन्च को लेकर कोई जानकारी नहीं दी। आमतौर पर उत्तर कोरिया अपने मिसाइल परीक्षणों की जानकारी अगले दिन देता रहा है। हालांकि, हाल के महीनों में यह सिलसिला लगातार अनियमित हो गया है।
कोरियन सेंट्रल न्यूज एजेंसी (केसीएनए) ने रविवार को ईस्ट सी की ओर दागी गई दो कम दूरी की बैलिस्टिक मिसाइलों का कोई जिक्र नहीं किया। दोनों मिसाइलें कुछ घंटों के अंतर पर दागी गई थीं।
समाचार एजेंसी योनहाप के अनुसार, पिछले महीने किए गए तीन मिसाइल लॉन्च के बारे में उत्तर कोरिया के सरकारी मीडिया ने कोई खबर नहीं दी थी। वहीं, 12 सितंबर को किए गए एक मिसाइल लॉन्च की जानकारी दो दिन बाद दी गई थी। यह लॉन्च दक्षिण कोरिया, अमेरिका और जापान के तीन देशों के संयुक्त सैन्य अभ्यास खत्म होने के एक दिन बाद किया गया था।
दक्षिण कोरिया के ज्वाइंट चीफ्स ऑफ स्टाफ (जेसीएस) के मुताबिक, उत्तर कोरिया ने रविवार को वॉनसान इलाके से करीब तीन घंटे के अंतर पर दो मिसाइलें दागीं। पहली मिसाइल दोपहर करीब तीन बजे दागी गई, जबकि दूसरी मिसाइल शाम करीब 5:50 बजे लॉन्च की गई।
जेसीएस के मुताबिक, पहली मिसाइल ने करीब 450 किलोमीटर की दूरी तय की, जबकि दूसरी मिसाइल 600 किलोमीटर से ज्यादा दूर तक गई।
ये मिसाइल लॉन्च संयुक्त राष्ट्र महासभा की हाई-लेवल जनरल डिबेट से ठीक पहले हुए हैं, जिसकी शुरुआत मंगलवार को अमेरिकी समय के मुताबिक होनी है। इसके अलावा, ये लॉन्च अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग के बीच इस गुरुवार वॉशिंगटन में होने वाली बैठक से भी पहले हुए हैं।
ऐसा माना जा रहा है कि इन मिसाइल लॉन्च के जरिए उत्तर कोरिया ट्रंप प्रशासन को यह संकेत देना चाहता है कि उसका अपनी सैन्य ताकत बढ़ाने की रफ्तार कम करने का कोई इरादा नहीं है।
ये लॉन्च उत्तर कोरियाई नेता किम जोंग-उन की प्रभावशाली बहन किम यो-जोंग के बयान के दो दिन बाद हुए। किम यो-जोंग ने अमेरिका के नेतृत्व में हुए बहुराष्ट्रीय 'पैसिफिक वैनगार्ड' समुद्री सैन्य अभ्यास की आलोचना की थी। उन्होंने चेतावनी दी थी कि उत्तर कोरिया इसका उसी तरह या उससे भी ज्यादा ताकतवर तरीके से जवाब देगा।
उत्तर कोरिया की राजधानी प्योंगयांग ने हाल के दिनों में दक्षिण कोरिया, अमेरिका और जापान की भागीदारी वाले प्रमुख सैन्य अभ्यासों की आलोचना भी तेज कर दी है।




