काबुल। तालिबान के प्रवक्ता जबीहुल्लाह मुजाहिद ने पाकिस्तान पर आरोप लगाया है कि वह अपनी आंतरिक समस्याओं से लोगों का ध्यान हटाने और मक्का समझौते के तहत अपनी जिम्मेदारियों से बचने के लिए अफगानिस्तान पर हमले कर रहा है।

कंधार के एक धार्मिक मदरसे में बोलते हुए मुजाहिद ने आरोप लगाया कि पाकिस्तान में बढ़ती राजनीतिक और आर्थिक समस्याओं तथा देश के भीतर हो रहे विरोध प्रदर्शनों से जनता का ध्यान हटाने के लिए इस्लामाबाद अफगानिस्तान पर हमले कर रहा है।

सऊदी अरब, पाकिस्तान और तुर्की ने 7 अगस्त को मक्का में एक रक्षा समझौते पर हस्ताक्षर किए थे। इसका उद्देश्य हमलों के खिलाफ सामूहिक सुरक्षा को मजबूत करना था। समझौते के तहत किसी एक हस्ताक्षरकर्ता देश पर सशस्त्र हमला तीनों देशों पर हमला माना जाएगा।

मुजाहिद ने कहा, ''अफगानिस्तान पर पाकिस्तान के हालिया हमलों का उद्देश्य सऊदी अरब के साथ हुए मक्का समझौते से बचना और यह दिखाना है कि पाकिस्तान अफगानिस्तान में युद्ध लड़ रहा है।''

अफगान मीडिया संस्थान एरियाना न्यूज के मुताबिक, मुजाहिद ने आगे कहा, ''पाकिस्तान अपने पड़ोसी इस्लामिक देश की सीमा का उल्लंघन करके अपनी नाकामियों से ध्यान हटाना चाहता है।''

मुजाहिद ने पाकिस्तान के राजनीतिक हालात की भी आलोचना की। उन्होंने दावा किया कि वहां राजनीतिक गतिविधियों के लिए जगह कम हुई है और कानून के तहत मिली स्वतंत्रता भी लोगों को नहीं दी जा रही है।

उन्होंने कहा कि पाकिस्तान की आर्थिक स्थिति काफी खराब हुई है। मुजाहिद ने आरोप लगाया कि पाकिस्तान अफगानिस्तान के साथ संघर्ष के जरिए अपनी जनता का ध्यान इन परेशानियों से हटाने की कोशिश कर रहा है।

उन्होंने पाकिस्तान के सैन्य नेतृत्व पर अपनी कथित 'गलत स्थिति' के कारण अपने ही लोगों को खतरे में डालने का आरोप भी लगाया।

मुजाहिद ने चेतावनी दी कि अफगानिस्तान पाकिस्तानी सैन्य शासन की कथित 'धमकी और दबाव' का उचित जवाब देगा।

उनका यह बयान पाकिस्तान की सेना की ओर से गुरुवार को अफगानिस्तान के कंधार, पकतिया और खोस्त प्रांतों में एक बार फिर हवाई हमले किए जाने के बाद आया है। इन हमलों में चार नागरिकों की मौत हुई।

मुजाहिद ने एक्स पर एक पोस्ट में इन हमलों की निंदा करते हुए इन्हें 'अंधाधुंध और कायरतापूर्ण' बताया। उन्होंने कहा कि ये हमले सभी सिद्धांतों का खुला उल्लंघन और 'आक्रामकता तथा अपराध' का स्पष्ट उदाहरण हैं।

उन्होंने कहा, ''इस्लामिक अमीरात ऑफ अफगानिस्तान अपने लोगों को भरोसा दिलाता है कि पाकिस्तानी सैन्य शासन की ओर से किए गए इन हमलों और आक्रामक कार्रवाइयों का दृढ़ रुख के साथ उचित जवाब दिया जाएगा।''

मुजाहिद ने चेतावनी दी कि इस तरह की 'लापरवाह और शत्रुतापूर्ण कार्रवाइयां' अफगान लोगों में गुस्सा पैदा करेंगी और इसके पाकिस्तानी सैन्य शासन के लिए प्रतिकूल परिणाम होंगे।

ताजा हमले पाकिस्तान की ओर से अफगानिस्तान के कुनार और पक्तिका प्रांतों में किए गए हवाई हमलों के कुछ दिनों बाद हुए हैं। उन हमलों में तीन लोगों की मौत हुई थी।

मुजाहिद ने 21 सितंबर को हुए हवाई हमलों की भी निंदा की थी। उन्होंने आरोप लगाया था कि पाकिस्तान ने अफगान क्षेत्र और नागरिकों को निशाना बनाया। साथ ही उन्होंने चेतावनी दी थी कि अफगानिस्तान इन हमलों का उचित जवाब देगा।