मैहर, रोहित पाठक। बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री मैहर पहुंचे और मां शारदा के दरबार में पूजा-अर्चना कर देश में शांति और समृद्धि की कामना की। दर्शन के उपरांत उन्होंने मीडिया से चर्चा करते हुए देश, समाज और सनातन धर्म से जुड़े कई महत्वपूर्ण विषयों पर अपना रुख साफ किया।

'छुआछूत और जातिगत भेदभाव मुक्त समाज ही हमारा उद्देश्य'

बागेश्वर सरकार ने कहा कि सनातन संस्कृति की रक्षा के लिए हिंदू समाज का संगठित होना बेहद जरूरी है। उन्होंने जोर देकर कहा कि हमारा संकल्प एक ऐसे समाज का निर्माण करना है जो छुआछूत और जातिगत भेदभाव से पूरी तरह मुक्त हो। जिस दिन इस देश से सनातन मिटेगा, उसी दिन भारत का अस्तित्व और पहचान भी समाप्त हो जाएगी।

विदेशी ताकतों के बहकावे में न आएं, सेना और देश के साथ खड़े रहें

वर्तमान परिस्थितियों का जिक्र करते हुए बागेश्वर सरकार ने नागरिकों से शांति बनाए रखने की अपील की। उन्होंने कहा कि किसी भी स्थिति में विदेशी ताकतों के बहकावे में आकर दंगा-फसाद या हिंसा नहीं करनी चाहिए। हर नागरिक का कर्तव्य है कि वह देश की शांति और सुरक्षा के लिए भारतीय सेना और राष्ट्र के साथ मजबूती से खड़ा रहे। इसके साथ ही उन्होंने राजनीतिक दलों को चेतावनी देते हुए कहा कि वे चुनाव या राजनीति के लिए जातियों के नाम पर समाज को न बांटें।

धर्मांतरण पर सुप्रीम कोर्ट के रुख का स्वागत, फंडिंग पर उठाए सवाल

धर्मांतरण के मामले पर बोलते हुए उन्होंने सुप्रीम कोर्ट के हालिया आदेश का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि देश में अवैध धर्मांतरण को रोकने के लिए ठोस और कड़े कदम उठाए जाने चाहिए। बागेश्वर सरकार ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि विदेशी ताकतें भारी फंडिंग के माध्यम से भोले-भाले हिंदुओं को बरगलाने का काम कर रही हैं। उन्होंने सभी से एकजुट होकर अपनी संस्कृति, परंपराओं और सनातन मूल्यों की रक्षा करने का आह्वान किया।