नागोया। जापान के आइची-नागोया में रविवार को होने वाले पैरा एशियन गेम्स 2026 के उद्घाटन समारोह में प्रमोद भगत और सिमरन शर्मा ध्वजवाहक होंगे। भारतीय दल ने भवीना पटेल को अगले दिन होने वाले उनके मैच की तैयारी पर ध्यान देने का मौका देने के लिए यह फैसला लिया है।

भारतीय दल के अधिकारियों ने पैरालंपिक गेम्स 2020 की सिल्वर मेडलिस्ट भवीना को सोमवार को होने वाले उनके क्वार्टर फाइनल मैच से पहले आराम और रिकवरी का समय देने का निर्णय लिया है।

यह फैसला इसलिए लिया गया, ताकि व्हीलचेयर एथलीट भवीना को अपने महत्वपूर्ण क्वार्टर फाइनल मैच से पहले आराम करने और तैयारी करने के लिए पर्याप्त समय मिल सके। वेन्यू (मैदान) तक आने-जाने में लगभग 6 घंटे का समय लगता है, जो शारीरिक रूप से काफी थका देने वाला हो सकता है। इससे मैच से पहले उन्हें रिकवरी के लिए बहुत कम समय मिल पाता।

इस फैसले के बारे में पैरा एथलेटिक्स के मुख्य कोच सत्यनारायण ने कहा, "भवीना का क्वार्टर फाइनल मैच 19 अक्टूबर को है, और यह जरूरी है कि इस अहम मुकाबले से पहले उन्हें पूरा आराम मिले और वे रिकवर हो सकें। एक व्हीलचेयर एथलीट होने के नाते, वेन्यू तक आने-जाने में लगभग छह घंटे लग जाते हैं, जो काफी थका देने वाला हो सकता है और इससे उन्हें रिकवरी के लिए बहुत कम समय मिलेगा। उनकी सेहत और प्रतियोगिता के शेड्यूल को ध्यान में रखते हुए, हमें लगा कि यह बदलाव करना जरूरी है। हमारी प्राथमिकता यह सुनिश्चित करना है कि हमारे एथलीट्स को जरूरी आराम मिले और वे अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने के लिए पूरी तरह तैयार रहें।"

प्रमोद भगत और सिमरन शर्मा ध्वजवाहक बनने का सम्मान संभालेंगे। यह फैसला इस बात पर जोर देता है कि एथलीटों की सेहत सबसे महत्वपूर्ण है, और यह सुनिश्चित करना जरूरी है कि समारोह से जुड़ी जिम्मेदारियों के कारण उनकी तैयारियों और प्रदर्शन पर कोई असर न पड़े।

पैरालंपिक कमिटी ऑफ इंडिया (पीसीआई) को जापान में होने वाले पैरा एशियन गेम्स में कई पदक जीतने की उम्मीद है, जिसमें भगत और भवीना सबसे बड़े सितारों में शामिल हैं। भारत को मुख्य रूप से पैरा-एथलेटिक्स और पैरा-बैडमिंटन में सफलता की उम्मीद है।