छतरपुर, विनोद मिश्रा। थाना गढ़ी मलहरा पुलिस द्वारा सेशन ट्रायल के एक मामले में फरार चल रहे आरोपियों की तलाश के दौरान पुलिस टीम और आरोपियों के परिजनों के बीच विवाद की स्थिति निर्मित हो गई। पुलिस के अनुसार मामले में नामजद आरोपी और उसके परिजन पुलिस कार्रवाई में बाधा डालते हुए आक्रामक हो गए, जिसके चलते पुलिस को बल प्रयोग करना पड़ा।
जानकारी के अनुसार थाना गढ़ी मलहरा के अपराध क्रमांक 128/26 में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की विभिन्न गंभीर धाराओं के तहत तुलाराम अहिरवार, सियाराम अहिरवार, बृजेंद्र कुमार अहिरवार, प्रदीप अहिरवार, अजय अहिरवार, विजय अहिरवार, रंजीत अहिरवार एवं रवि अहिरवार, सभी निवासी ग्राम मलका, थाना गढ़ी मलहरा, जिला छतरपुर के विरुद्ध मामला दर्ज किया गया था।
पुलिस ने बताया कि मामला सेशन ट्रायल से संबंधित होने के कारण आरोपियों को लगातार थाने में उपस्थित होने के लिए सूचना दी जा रही थी। आरोपियों द्वारा पहले 15 दिन का समय मांगा गया था, इसके बाद परिवार में शोक होने का हवाला देकर तेरहवीं तक का समय देने का अनुरोध किया गया। पुलिस ने मानवीय दृष्टिकोण अपनाते हुए उन्हें निर्धारित समय दिया, लेकिन तेरहवीं के बाद सभी आरोपी दिल्ली फरार हो गए।
पुलिस के अनुसार मुख्य आरोपी तुलाराम अहिरवार अपने घर पर मौजूद मिला। सूचना मिलने पर पुलिस उसे पकड़ने पहुंची, लेकिन आरोपी के परिजनों ने विरोध शुरू कर दिया। आरोप है कि परिवार के अन्य सदस्य हाथों में लाठियां लेकर पुलिस टीम की घेराबंदी करने लगे, जिससे तनावपूर्ण स्थिति बन गई।
पुलिस का कहना है कि आत्मरक्षा और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए आवश्यक बल प्रयोग किया गया। इसी दौरान आरोपी के भाई रामू अहिरवार ने प्रधान आरक्षक बृजेश यादव पर हमला करने के उद्देश्य से ईंट उठा ली। पुलिस द्वारा रोकने का प्रयास किए जाने पर उसने प्रधान आरक्षक को लात भी मार दी।
घटना के बाद पुलिस ने स्थिति को नियंत्रित करते हुए आगे की वैधानिक कार्रवाई शुरू कर दी है। फरार अन्य आरोपियों की तलाश जारी है।




