छतरपुर, संजय अवस्थी। लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) की भूमि पर किए गए अवैध कब्जों को हटाने के लिए शुक्रवार सुबह प्रशासन ने संयुक्त अभियान चलाया। कार्रवाई के दौरान राजस्व विभाग, पीडब्ल्यूडी के अधिकारी-कर्मचारी तथा भारी पुलिस बल मौके पर तैनात रहा। प्रशासनिक अमले ने सुबह से ही चिन्हित अतिक्रमणों को हटाने की प्रक्रिया शुरू कर दी और अधिकारियों की निगरानी में कार्रवाई शांतिपूर्ण ढंग से संचालित होती रही।


जानकारी के अनुसार पीडब्ल्यूडी की भूमि पर लंबे समय से अवैध कब्जे किए गए थे, जिनकी शिकायतें लगातार प्रशासन को मिल रही थीं। जांच के बाद प्रशासन ने संयुक्त दल गठित कर अतिक्रमण हटाने का निर्णय लिया। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि सरकारी भूमि पर किसी भी प्रकार का अवैध कब्जा स्वीकार नहीं किया जाएगा और भविष्य में भी इस प्रकार की कार्रवाई जारी रहेगी।


हालांकि कार्रवाई के दौरान हिंदू संगठनों के पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौके पर पहुंच गए तथा उन्होंने विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। विरोध के चलते प्रशासन को कार्रवाई बीच में ही रोकनी पड़ी। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि प्रभावित परिवारों के पुनर्वास की व्यवस्था किए बिना मकान नहीं तोड़े जाने चाहिए।


तहसीलदार पीयूष दीक्षित ने बताया कि प्रशासन ने पीडब्ल्यूडी के कुल 10 मकानों को चिन्हित किया था। इनमें से पांच मकानों को गिरा दिया गया है। एक मकान में रैकवार परिवार निवास करता है, जिसके पास रहने की वैकल्पिक व्यवस्था नहीं है। इसी मुद्दे को लेकर हिंदू संगठनों ने विरोध दर्ज कराया। उन्होंने कहा कि परिवार के पुनर्वास की व्यवस्था होने के बाद उक्त मकान को भी हटाया जाएगा। वहीं दो मकानों पर न्यायालय से स्थगन आदेश प्राप्त है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि सरकारी भूमि पर कब्जा करने वालों के विरुद्ध कार्रवाई जारी रहेगी और शासकीय भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराया जाएगा।