सागर, जीशान खान। मध्य प्रदेश के पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री प्रहलाद सिंह पटेल ने सागर में आयोजित पत्रकार वार्ता के दौरान भारतीय जनता पार्टी के आगामी ‘सेवा संकल्प अभियान’ की विस्तृत रूपरेखा साझा की। यह विशेष अभियान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लोकसेवक के रूप में 25 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में 17 सितंबर से प्रारंभ होकर 17 अक्टूबर तक पूरे एक माह तक संचालित किया जाएगा। मंत्री पटेल ने स्पष्ट किया कि इस अभियान का मूल उद्देश्य सेवा, सुशासन और जनभागीदारी को जोड़ते हुए समाज के अंतिम पंक्ति के व्यक्ति तक योजनाओं का लाभ सुनिश्चित कराना है।


महीने भर में होंगी 25 प्रकार की गतिविधियां: 'आशीर्वाद का दीया' से होगी शुरुआत

अभियान के अंतर्गत सेवा और जागरूकता से जुड़े विविध कार्यक्रमों का कैलेंडर तैयार किया गया है:

  • 17 सितंबर (पीएम जन्मदिवस): अभियान का शुभारंभ प्रधानमंत्री के जन्मदिवस पर ‘आशीर्वाद का दीया’ प्रज्वलित कर किया जाएगा।
  • प्रमुख गतिविधियां: माह भर चलने वाले इस अभियान में रक्तदान शिविर, सघन पौधारोपण, स्वच्छता अभियान, निःशुल्क स्वास्थ्य जांच, जल संरक्षण और नशामुक्ति जन-जागरूकता सहित 25 प्रकार की प्रमुख गतिविधियां आयोजित होंगी।
  • ‘सेवा सेतु शिविर’: पात्र होने के बावजूद शासकीय योजनाओं से वंचित रह गए हितग्राहियों को मौके पर ही लाभान्वित करने के लिए विशेष 'सेवा सेतु शिविर' लगाए जाएंगे।
  • 7 अक्टूबर को रैलियां: विकसित भारत-2047 के संकल्प को जन-जन तक पहुंचाने के लिए पदयात्रा, साइकिल एवं बाइक रैलियों का आयोजन किया जाएगा।
  • 17 अक्टूबर को समापन: अभियान का औपचारिक समापन ‘सुशासन सेवा संवाद’ के साथ प्रस्तावित है।


बंडा शराबकांड के तीखे सवालों से हुआ मंत्री का सामना

पत्रकार वार्ता के दौरान सागर जिले के बंडा में हुए बहुचर्चित जहरीली शराबकांड को लेकर भी मीडियाकर्मियों ने मंत्री प्रहलाद पटेल से तीखे सवाल किए। जिले में हालिया मौतों और प्रशासनिक विफलता को लेकर बने भारी जनाक्रोश के बीच मंत्री ने कहा कि प्रशासन इस पूरे मामले में सख्त कार्रवाई कर रहा है और नशे के अवैध कारोबार के खिलाफ व्यापक अभियान चलाया जा रहा है।

उन्होंने दोहराया कि सेवा संकल्प अभियान के तहत नशामुक्ति जागरूकता को भी प्रमुखता से शामिल किया गया है, ताकि समाज को इस बुराई से दूर रखा जा सके। अब देखना यह होगा कि शराब त्रासदी के साए में घिरे सागर जिले में भाजपा के इन 'सेवा सेतु शिविरों' और 25 सेवा गतिविधियों का धरातल पर कितना असर नजर आता है।