बीजिंग। चीन मौसम विज्ञान प्रशासन (सीएमए) ने राष्ट्रीय विकास एवं सुधार आयोग के साथ मिलकर हाल ही में "राष्ट्रीय मौसम विज्ञान विकास की 15वीं पंचवर्षीय योजना" जारी की है।

योजना के अनुसार, वर्ष 2030 तक चीन की चरम मौसम की निगरानी, पूर्वानुमान और चेतावनी देने की क्षमता में उल्लेखनीय सुधार होगा। साथ ही, देश की समग्र मौसम विज्ञान क्षमता और अंतरराष्ट्रीय प्रभाव में भी बड़ी बढ़ोतरी देखने को मिलेगी।

योजना में जोर दिया गया है कि चीन मौसम विज्ञान प्रौद्योगिकी और सामाजिक सेवाओं के आधुनिकीकरण को आधार बनाकर मौसम संबंधी आपदाओं की रोकथाम और उनसे होने वाले नुकसान को कम करने में अपनी अग्रिम रक्षा भूमिका को और मजबूत करेगा।

इसके तहत चार प्रमुख अभियानों पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। इनमें चरम मौसम से निपटने की क्षमता बढ़ाना, मौसम विज्ञान के सभी क्षेत्रों में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) का व्यापक उपयोग, पृथ्वी प्रणाली पूर्वानुमान को मजबूत करना और मौसम विज्ञान शिक्षा, प्रौद्योगिकी तथा प्रतिभा विकास के समन्वय को बढ़ावा देना शामिल है। इन प्रयासों के जरिए मौसम विज्ञान को पृथ्वी प्रणाली आधारित अध्ययन, डिजिटल बुद्धिमत्ता, सुदूर अंतरिक्ष अनुसंधान और वैश्विक शासन के क्षेत्र तक विस्तार दिया जाएगा।

योजना में यह भी स्पष्ट किया गया है कि वर्ष 2030 तक मौसम विज्ञान की प्रमुख प्रौद्योगिकियों में महत्वपूर्ण उपलब्धियां हासिल की जाएंगी। मौसम विज्ञान के क्षेत्र में कृत्रिम बुद्धिमत्ता का गहन उपयोग होगा और चरम मौसम की निगरानी, पूर्वानुमान तथा चेतावनी प्रणाली पहले से कहीं अधिक प्रभावी बनेगी। इसके अलावा, पृथ्वी प्रणाली पूर्वानुमान और पृथ्वी प्रणाली डेटा प्लेटफॉर्म के निर्माण में भी महत्वपूर्ण प्रगति होगी।

योजना के अनुसार, चीन की मौसम विज्ञान क्षमता और अंतरराष्ट्रीय प्रभाव में उल्लेखनीय वृद्धि होगी। मौसम विज्ञान प्रौद्योगिकी, निगरानी और पूर्वानुमान के क्षेत्र में देश विश्व के उन्नत स्तर तक पहुंचेगा, मौसम सेवाएं विश्व-अग्रणी बनेंगी और चीन वैश्विक मौसम शासन में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

(साभार- चाइना मीडिया ग्रुप, पेइचिंग)