छतरपुर। महिला एवं बाल विकास परियोजना कार्यालय बड़ामलहरा-1 के अंतर्गत आने वाली आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं ने परियोजना अधिकारी सीमा पटेल पर गंभीर भ्रष्टाचार, अवैध वसूली, मानसिक प्रताडऩा और पद के दुरुपयोग के आरोप लगाते हुए कलेक्टर को आवेदन सौंपा है। कार्यकर्ताओं ने परियोजना अधिकारी के विरुद्ध निष्पक्ष उच्च स्तरीय जांच और दंडात्मक कार्रवाई की मांग की है।

आंगनवाड़ी कार्यकर्ता सीमा नामदेव सहित अन्य कार्यकर्ताओं का आरोप है कि शासकीय योजनाओं, जैसे प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना और लाडली लक्ष्मी योजना की फाइल फीडिंग व प्रमाण पत्र वितरण के नाम पर 50 से 100 तक की अवैध वसूली की जा रही है। इसके अलावा बीमा प्रीमियम प्रतिपूर्ति जारी करने के लिए 1,000 प्रति कार्यकर्ता तथा मासिक मानदेय अप्रूवल के नाम पर हर महीने 100 से 200 तक की अवैध मांग की जाती है।


शिकायत पत्र में यह भी आरोप लगाया गया है कि नियमों को ताक पर रखकर कार्यकर्ताओं को शाम 5 बजे के बाद परियोजना अधिकारी के निजी निवास पर बुलाकर घर की साफ-सफाई व अन्य निजी काम कराए जाते हैं और विरोध करने पर अमर्यादित भाषा का प्रयोग तथा सेवा से निष्कासित करने की धमकी दी जाती है। साथ ही, कार्यालय में एक बाहरी व्यक्ति को बैठाकर शासकीय आईडी-पासवर्ड सौंप दिए गए हैं, जो रिश्वतखोरी कर रहा है। कार्यकर्ताओं ने पूर्व में लोकायुक्त द्वारा ट्रैप हो चुकी परियोजना अधिकारी को तत्काल निलंबित करने और जांच समिति गठित करने की मांग की है।

कांग्रेस नेत्री दीप्ती पाण्डेय ने कहा कि बड़ामलहरा क्षेत्र की आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को परियोजना अधिकारी बड़ामलहरा सीमा पटेल द्वारा जबरन परेशान किया जा रहा है। छोटे-छोटे कामों के लिए पैसों की मांग की जा रही है। परियोजना अधिकारी आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं पर दबाव बना रही हैं कि उन्हें हर महीन एक-एक हजार रूपए दिए जाएं। उन्होंने कहा कि आज हम सभी ने एडीएम के पास जाकर परियोजना अधिकारी से शिकायत की गई है और उनसे मांग की गई है कि उन्हें बड़ामलहरा से हटाया जाए। परियोजना अधिकारी पहले छिंदवाड़ा में भी रहीं है और वहां लोकायुक्त ने उन्हें ट्रैप किया था। उनके खिलाफ जो शिकायतें है उनकी जांच की जाए।