महाराजपुर, शिवम चौरसिया | नगर महाराजपुर में बिजली विभाग की कथित मनमानी और तानाशाही के खिलाफ बुधवार को जनता का गुस्सा सड़कों पर उतर आया। भीषण गर्मी और तपती धूप की परवाह किए बिना कुसमा रामलीला मैदान से हजारों की संख्या में महिलाएं, पुरुष और युवा एकत्रित हुए और एक विशाल रैली निकालकर तहसील कार्यालय पहुंचे। यहाँ प्रदर्शनकारियों ने मुख्यमंत्री के नाम एक 6-सूत्रीय ज्ञापन सौंपा और विभाग के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
स्मार्ट मीटर से लगा 'करंट': 300 का बिल पहुंचा 12 हजार
प्रदर्शन के दौरान सबसे ज्यादा विरोध 'स्मार्ट मीटर' को लेकर देखा गया। स्थानीय नागरिकों ने आरोप लगाया कि जब से नए मीटर लगे हैं, बिजली बिलों में अप्रत्याशित वृद्धि हुई है। सुमित्रा नामक महिला ने बताया कि पहले उनका बिल 200 रुपये आता था, जो अब सीधे 12 हजार रुपये हो गया है। इसी तरह लल्लाबाई अनुरागी का बिल 300 से बढ़कर 7 हजार और अभय सोनी का बिल 44 हजार रुपये तक पहुंच गया है। उपभोक्ताओं का कहना है कि विभाग सुनवाई करने के बजाय गरीबों को धमकाने का काम कर रहा है।
भ्रष्टाचार और दलाली के गंभीर आरोप
प्रदर्शन में शामिल हृदेश चौरसिया ने विभाग पर वसूली के गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने बताया कि बिना वजह चालान काटने के बाद एक कथित दलाल ने मामला रफा-दफा करने के लिए 10 हजार रुपये मांगे, और मना करने पर 25 हजार रुपये का भारी-भरकम चालान थमा दिया गया। वहीं राजेंद्र प्रसाद साहू ने आरोप लगाया कि उनके कुएं से मोटर जब्त कर ली गई और दिल्ली में नौकरी करने वाले उनके बेटे का नाम भी जबरन मामले में घसीट लिया गया। लोगों का कहना है कि विभाग में दलाल सक्रिय हैं जो जनता को मानसिक रूप से प्रताड़ित कर रहे हैं।
6-सूत्रीय मांगें और ओआईसी को हटाने की चेतावनी
प्रदर्शनकारियों ने अपनी प्रमुख मांगों में निम्नलिखित बिंदुओं को रखा है:
अव्यवस्थित और बिखरे हुए बिजली सर्विसिंग तारों को ठीक किया जाए।
अघोषित कटौती बंद हो, जिससे बच्चों की पढ़ाई और व्यापार प्रभावित हो रहे हैं।
परिवार विभाजन की स्थिति में नए कनेक्शन देने में आ रही बाधाएं दूर की जाएं।
दूषित पेयजल की समस्या का समाधान हो (बिजली कटौती से वाटर सप्लाई बाधित होने के कारण)।
पान किसानों को बिना कटौती बिजली मिले और फर्जी बिल थमाना बंद हो।
ज्ञापन सौंपने के दौरान विभागीय अधिकारी (ओआईसी) औरंगजेब मिर्जा पर पक्षपातपूर्ण कार्रवाई और अभद्र व्यवहार के आरोप लगाते हुए उन्हें तत्काल हटाने की मांग की गई। प्रदर्शनकारियों ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि एक सप्ताह के भीतर दोषियों पर कार्रवाई नहीं हुई और समस्याओं का समाधान नहीं किया गया, तो नगर की जनता उग्र आंदोलन के लिए विवश होगी।




