चंडीगढ़। पंजाब सरकार में मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ विधानसभा में पेश प्रस्ताव, कांग्रेस नेता सुखपाल सिंह खैरा के निलंबन और मुख्यमंत्री भगवंत मान से जुड़े दिल्ली एयरपोर्ट विवाद पर प्रतिक्रिया दी। चीमा ने भाजपा पर वोट चोरी करने और विपक्षी दलों के मताधिकार को प्रभावित करने का आरोप लगाया। उन्होंने मुख्यमंत्री के साथ एयरपोर्ट पर हुए व्यवहार की निंदा करते हुए संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग भी की।हरपाल सिंह चीमा ने कहा कि देश में लोकतंत्र को महत्व देने वाले लोग जानते हैं कि भाजपा पर वोट चोरी के आरोप क्यों लगाए जा रहे हैं। उन्होंने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि विभिन्न राज्यों में एसआईआर के नाम पर विपक्षी दलों के मतदाताओं के वोट खत्म करने और उनके अधिकारों को प्रभावित करने का काम किया जा रहा है।

चीमा ने कहा कि 18 वर्ष से अधिक आयु के प्रत्येक व्यक्ति को संविधान के माध्यम से मतदान का अधिकार मिला है। यह अधिकार बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर द्वारा स्थापित संवैधानिक व्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा है। उन्होंने बताया कि आम आदमी पार्टी की सरकार और मुख्यमंत्री भगवंत मान के नेतृत्व में पंजाब विधानसभा ने ज्ञानेश कुमार के खिलाफ प्रस्ताव पारित किया है। इस प्रस्ताव को आगे की कार्रवाई के लिए राज्यपाल के पास भेजा जाएगा। उन्होंने इसे लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा से जुड़ा महत्वपूर्ण कदम बताया।

कांग्रेस नेता सुखपाल सिंह खैरा से जुड़े मामले पर चीमा ने आरोप लगाया कि कांग्रेस के कई नेता अभद्र भाषा का इस्तेमाल करते हैं और संसदीय मर्यादाओं का पालन नहीं करते। उन्होंने कहा कि पंजाब विधानसभा के नियमों के तहत खैरा के खिलाफ कार्रवाई की गई है। उन्होंने कहा कि नियम के तहत सुखपाल सिंह खैरा को विधानसभा के शेष सत्र से निलंबित किया गया है। उनका व्यवहार लोकतंत्र की परंपराओं और सदन की मर्यादा के अनुरूप नहीं था। इसी वजह से उन्हें शेष सत्र में शामिल होने से रोका गया है।

मुख्यमंत्री भगवंत मान से जुड़े दिल्ली एयरपोर्ट विवाद पर हरपाल सिंह चीमा ने कड़ी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार और उसके विभिन्न विभाग पंजाब के चुने हुए मुख्यमंत्री का अपमान करने का प्रयास करते हैं। चीमा ने कहा कि भगवंत मान पंजाब के लोगों, पंजाबी मुद्दों और पंजाब के गौरव की बात करते हैं। इन मुद्दों को कमजोर करने की कोशिश की जाती है। उन्होंने दिल्ली एयरपोर्ट पर मुख्यमंत्री के साथ हुए व्यवहार की सख्त निंदा की।

चीमा ने मांग की कि इस मामले में जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई होनी चाहिए, चाहे वे किसी भी पद पर तैनात हों। चुने हुए मुख्यमंत्री के साथ इस तरह का व्यवहार स्वीकार नहीं किया जा सकता।