हमीरपुर। भाजपा सांसद और पूर्व केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर ने बुधवार को लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि जब भी राहुल गांधी की पार्टी को चुनावी हार का सामना करना पड़ता है तो वे लोकतांत्रिक संस्थाओं और चुनाव प्रक्रिया पर ही सवाल उठाने लगते हैं।हिमाचल प्रदेश के हमीरपुर शहर में भारतीय जनता पार्टी के 'लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ' अभियान के तहत आयोजित जनसंपर्क मार्च में बोलते हुए उन्होंने कहा कि कांग्रेस नेतृत्व जनता के जनादेश को स्वीकार करने के बजाय भ्रम पैदा करने और चुनावी प्रणाली में जनता के भरोसे को कमजोर करने की कोशिश कर रहा है।

इस कार्यक्रम की शुरुआत संसदीय क्षेत्र-स्तरीय कार्यकर्ता सम्मेलन से हुई, जिसमें राज्य भाजपा अध्यक्ष राजीव बिंदल और हमीरपुर के सांसद व पूर्व केंद्रीय मंत्री अनुराग सिंह ठाकुर शामिल हुए।

दोनों नेताओं ने पार्टी कार्यकर्ताओं को संबोधित किया और जमीनी स्तर पर संगठन को मजबूत करने का आह्वान किया। हमीरपुर, बिलासपुर, ऊना, देहरा, धर्मपुर और अन्य क्षेत्रों के कई पार्टी कार्यकर्ताओं ने इस जनसंपर्क मार्च में हिस्सा लिया।

'विशेष गहन पुनरीक्षण' (एसआईआर) प्रक्रिया के बाद बिहार और केरल में हुए चुनावों का जिक्र करते हुए अनुराग ठाकुर ने इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीनों (ईवीएम) और चुनावी नतीजों को लेकर कांग्रेस के रुख पर सवाल उठाए।

उन्होंने पूछा कि अगर ईवीएम आधारित चुनावों को लेकर कांग्रेस के आरोपों को सच मान लिया जाए तो क्या चुनावी हार के बाद केरल के मुख्यमंत्री से भी इस्तीफे की उम्मीद की जाएगी?

उन्होंने कांग्रेस को चुनौती दी कि वह स्पष्ट करे कि क्या उसके आरोप सही हैं, या फिर कर्नाटक और केरल जैसे राज्यों को चुनावी जनादेश का सम्मान करना चाहिए।

छात्र राजनीति में कांग्रेस के खराब प्रदर्शन का जिक्र करते हुए ठाकुर ने चंडीगढ़ की पंजाब यूनिवर्सिटी और दिल्ली की दिल्ली यूनिवर्सिटी में पार्टी के छात्र विंग को मिली चुनावी हार की ओर भी इशारा किया।

उन्होंने राहुल गांधी पर आरोप लगाया कि वे आत्ममंथन करने के बजाय, पार्टी की संगठनात्मक कमियों और राजनीतिक विफलताओं की जिम्मेदारी भाजपा पर मढ़ रहे हैं।

दिल्ली में कांग्रेस की रैली पर तंज कसते हुए ठाकुर ने कहा कि लगभग 10 लाख लोगों को जुटाने के दावों के बावजूद, वहां पहुंचने वालों की संख्या उम्मीद से कहीं कम थी।

उन्होंने कहा कि बार-बार मिल रही चुनावी हार यह दर्शाती है कि जनता ने कांग्रेस की राजनीतिक कार्यशैली को नकार दिया है।

उन्होंने आगे कहा कि बिना किसी ठोस सबूत के संवैधानिक संस्थाओं पर सवाल उठाना लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं में जनता के भरोसे को कमजोर कर सकता है।

ठाकुर ने भाजपा कार्यकर्ताओं से आग्रह किया कि वे पार्टी का संदेश हर घर तक पहुंचाएं और कांग्रेस के उस नैरेटिव का जवाब दें, जिसे उन्होंने 'गुमराह करने वाला' बताया।