भोपाल। मध्य प्रदेश में लगातार सक्रिय मानसून और विभिन्न वेदर सिस्टम के असर से मूसलाधार बारिश का दौर जारी है। सूबे के अधिकांश नदी-नाले उफान पर आ गए हैं और प्रमुख मार्गों पर जलभराव से जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। सतना, पन्ना, मंडला सहित कई जिलों में बाढ़ जैसी गंभीर स्थिति निर्मित हो गई है। मौसम विभाग (IMD) ने आगामी 48 घंटों के दौरान राज्य के दो दर्जन से अधिक जिलों में भारी से अति भारी बारिश का ऑरेंज और येलो अलर्ट जारी किया है। बिगड़ते हालात और मौसम की चेतावनी को देखते हुए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सभी प्रभावित जिलों के कलेक्टरों और पुलिस अधीक्षकों को हाई अलर्ट पर रहने के सख्त निर्देश दिए हैं।


मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने स्पष्ट किया है कि प्रशासनिक अमला किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए पूर्व तैयारी रखे। प्रभावित क्षेत्रों में राहत एवं बचाव संसाधनों, नावों, एसडीआरएफ की टीमों और भोजन-पानी की अग्रिम उपलब्धता सुनिश्चित की जाए ताकि आवश्यकता पड़ने पर तत्काल राहत कार्य शुरू हो सके। मुख्यमंत्री ने विशेष रूप से उत्तरी और पूर्वी मध्य प्रदेश के जिलों में जिला प्रशासन को फील्ड में मुस्तैद रहने और निचले इलाकों पर लगातार निगरानी रखने को कहा है।


मौसम विज्ञान केंद्र भोपाल के अनुसार, बुंदेलखंड और आसपास के क्षेत्रों में मानसून का तीव्र प्रभाव देखा जा रहा है। शुक्रवार को राजगढ़, नर्मदापुरम, गुना, शिवपुरी, दमोह, सागर, छतरपुर, टीकमगढ़ और निवाड़ी जिलों में अति भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट घोषित किया गया है। इसके अलावा भोपाल, विदिशा, सीहोर, बैतूल, उज्जैन, देवास, शाजापुर, आगर, दतिया, भिंड, श्योपुरकलां, रीवा, सतना, छिंदवाड़ा, पन्ना, मंदसौर, रायसेन, अशोकनगर और ग्वालियर में मध्यम से भारी बारिश का येलो अलर्ट जारी है।


मौसम विभाग ने 5 से 7 सितंबर तक के लिए भी विस्तृत चेतावनी जारी की है। 5 सितंबर को विदिशा, गुना, शिवपुरी, अशोकनगर, सागर, छतरपुर, टीकमगढ़ और निवाड़ी में अति भारी बारिश (ऑरेंज अलर्ट) तथा रायसेन, सीहोर, ग्वालियर, चंबल, रीवा, सतना, पन्ना व दमोह में भारी बारिश का येलो अलर्ट रहेगा। वहीं 6 सितंबर को ग्वालियर-चंबल, महाकौशल और बुंदेलखंड के अधिकांश जिलों में भारी बारिश का अनुमान है। 7 सितंबर को भी रीवा, सतना, कटनी, बालाघाट, पन्ना, छतरपुर, टीकमगढ़ और मैहर में रुक-रुक कर तेज बारिश का सिलसिला जारी रहने की संभावना जताई गई है। प्रशासन ने आमजन से उफनते नदी-नालों और रपटों से दूर रहने की अपील की है।