मेघालय के बहुचर्चित राजा रघुवंशी हत्याकांड में सुप्रीम कोर्ट ने मुख्य आरोपी सोनम रघुवंशी को बड़ा झटका देते हुए उनकी जमानत रद्द कर दी है। सर्वोच्च न्यायालय ने सोनम को तीन सप्ताह के भीतर संबंधित निचली अदालत या पुलिस के समक्ष आत्मसमर्पण (Surrender) करने का कड़ा निर्देश दिया है। न्यायमूर्ति एम.एम. सुंदरेश और न्यायमूर्ति पी.बी. वराले की पीठ ने मेघालय सरकार द्वारा दायर की गई अपील को स्वीकार करते हुए यह अहम फैसला सुनाया।
'तकनीकी खामी जमानत का आधार नहीं बन सकती'— सुप्रीम कोर्ट
राज्य सरकार की ओर से पेश हुए सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने शीर्ष अदालत में दलील दी कि निचली अदालत ने महज एक लिपिकीय त्रुटि (Clerical Error) यानी तकनीकी आधार पर सोनम को जमानत दी थी। पुलिस द्वारा गिरफ्तारी से जुड़े दस्तावेजों और धारा में हुई टाइपिंग संबंधी गलती को इतने जघन्य हत्याकांड में राहत का आधार नहीं बनाया जा सकता।
सुप्रीम कोर्ट ने राज्य सरकार की दलीलों से सहमति जताते हुए कहा कि गंभीर अपराधों में गवाहों, सबूतों की सुरक्षा और निष्पक्ष ट्रायल पर पड़ने वाले संभावित प्रभाव को ध्यान में रखा जाना आवश्यक है। हालांकि, पीठ ने यह राहत भी दी है कि यदि निचली अदालत में अगले छह महीने के भीतर ट्रायल (सुनवाई) पूरा नहीं होता है, तो आरोपी सोनम रघुवंशी दोबारा नई जमानत याचिका दाखिल करने के लिए स्वतंत्र होंगी।
हनीमून पर रची गई थी हत्या की साजिश: जानिए पूरा मामला
विवाह और लापता होना: मई 2025 में मध्य प्रदेश के इंदौर निवासी ट्रांसपोर्ट व्यवसायी राजा रघुवंशी और सोनम रघुवंशी का विवाह हुआ था। शादी के बाद दोनों 23 मई 2025 को हनीमून मनाने के लिए मेघालय के प्रसिद्ध सोहरा (चेरापूंजी) क्षेत्र पहुंचे, जहां से दोनों संदिग्ध परिस्थितियों में लापता हो गए।
खाई से मिला शव: 2 जून 2025 को मेघालय पुलिस ने राजा रघुवंशी का शव एक गहरी खाई से बरामद किया। पुलिस जांच में चौंकाने वाला खुलासा हुआ कि सोनम ने अपने प्रेमी और अन्य सहयोगियों के साथ मिलकर पति की हत्या की खौफनाक साजिश रची थी।
गिरफ्तारी व निचली अदालत का फैसला: जून 2025 में पुलिस ने सोनम को उत्तर प्रदेश के गाजीपुर से गिरफ्तार किया था। इस साल अप्रैल (2026) में निचली अदालत ने पुलिस दस्तावेजों (बीएनएस की धारा) में हुई तकनीकी त्रुटि के आधार पर सोनम को जमानत दे दी थी, जिसे 29 जून 2026 को मेघालय हाईकोर्ट ने भी बरकरार रखा था।
मेघालय सरकार ने हाईकोर्ट के इसी फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी थी, जहां से अब सोनम रघुवंशी की जमानत याचिका रद्द कर उन्हें दोबारा जेल भेजने का आदेश दिया गया है।




