राजकोट। राजकोट नगर निगम (आरएमसी) ने शहर में डेंगू, मलेरिया और चिकनगुनिया को नियंत्रित करने के प्रयासों के तहत एक बेहतरीन उदाहरण पेश किया है। नगर निगम ने ड्रोन आधारित सर्वेक्षण और एआई की मदद से निगरानी करके 59.39 वर्ग किलोमीटर में मच्छरों के पनपने की 4,731 संभावित जगहों का पता लगाया है।
नगर निगम के शुक्रवार को जारी आंकड़ों के अनुसार, पहचानी गई जगहों में से 1,340 जगहों पर फील्ड स्टाफ ने कीटनाशक का छिड़काव किया है और मच्छरों के पनपने के स्रोतों को खत्म करने के उपाय किए हैं, जबकि ड्रोन ने कुल 40 घंटे और नौ मिनट तक कीटनाशक का छिड़काव किया है।
यह सर्वे अधिक जोखिम वाले वार्डों में किया जा रहा है, जिनमें वार्ड 11, 18, 3, 4 और 13 शामिल हैं। अब तक सर्वे किए गए इलाके नगर निगम के कुल 161.85 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र का 59.39 वर्ग किलोमीटर हिस्सा है।
ड्रोन ऑपरेशन में नालियां, पानी जमा होने वाली जगहें, छोटे-बड़े गड्ढे और नदी के तल में बने गड्ढे, साथ ही ऐसी अन्य जगहें शामिल हैं, जहां मच्छर पनप सकते हैं। नगर निगम ने कहा कि इस तकनीक का इस्तेमाल खास तौर पर उन जगहों पर किया जा रहा है, जहां पारंपरिक तरीके से कीटनाशक का छिड़काव करना मुश्किल है या जोखिम भरा है।
ड्रोन सर्वे से मिली जानकारी संबंधित वार्डों और शहरी स्वास्थ्य केंद्रों के स्वास्थ्य कर्मियों को दी जा रही है, जो इन जगहों की जांच करते हैं और जरूरत पड़ने पर कीटनाशक का छिड़काव और मच्छरों के पनपने के स्रोतों को खत्म करने का काम करते हैं।
ड्रोन-आधारित ऑपरेशन के साथ-साथ, नगर निगम के पारंपरिक कीट नियंत्रण उपाय भी 17 से 23 सितंबर के बीच जारी रहे। फील्ड वर्करों, शहरी आशा कार्यकर्ताओं और एमपीएचडब्ल्यू ने 1,50,172 घरों में लार्वानाशक गतिविधियां चलाईं, जबकि 933 घरों में फॉगिंग की गई।
अधिक मच्छरों वाले क्षेत्रों में गाड़ियों पर लगी फॉगिंग मशीनों का इस्तेमाल किया गया। साथ ही, संवेदनशील सोसायटियों, सार्वजनिक सड़कों और ऐसी जगहों पर भी फॉगिंग की गई, जहां बड़ी संख्या में लोग इकट्ठा होते हैं। स्वास्थ्य विभाग ने मच्छरों के पनपने की जगहों का पता लगाने के लिए 409 गैर-आवासीय जगहों का भी निरीक्षण किया। इनमें कंस्ट्रक्शन साइट, स्कूल, अस्पताल, होटल, इंडस्ट्रियल यूनिट, हॉस्टल, कॉम्प्लेक्स, कबाड़ के गोदाम, बेसमेंट, हॉल, वाड़ी, पार्टी प्लॉट, धार्मिक स्थल, पेट्रोल पंप और सरकारी दफ्तर शामिल थे।
मच्छरों के पनपने की जगहों को लेकर रिहायशी इलाकों में 312 लोगों और कमर्शियल इलाकों में 92 लोगों को नोटिस जारी किए गए। साथ ही, लागू नियमों के तहत प्रशासनिक शुल्क वसूलने जैसी कार्रवाई भी की गई।
नगर निगम ने कहा कि डेंगू की रोकथाम के उपायों में आवासीय घरों, दुकानों, अपार्टमेंटों, वाणिज्यिक परिसरों, औद्योगिक इकाइयों और अन्य प्रतिष्ठानों का निरीक्षण शामिल है। खास तौर पर उन कंटेनरों की जांच की जा रही है जिनमें पानी जमा होता है और जो एडीज मच्छरों के पनपने की जगह बन सकते हैं।
इसके अलावा, नगर निगम के स्वास्थ्य विभाग ने शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों से जुड़े फील्ड स्टाफ के जरिए पानी से होने वाली बीमारियों की निगरानी की। 17 से 23 सितंबर के बीच सर्वे में लगभग 3,04,556 लोगों को शामिल किया गया। इस दौरान 6,559 क्लोरीन टैबलेट और 743 ओआरएस पैकेट बांटे गए, जबकि 3,484 आरसी टेस्ट किए गए।
नगर निगम ने लोगों से अपील की है कि वे अपने घरों के अंदर और आसपास पानी जमा न होने दें, मच्छरों के पनपने की जगहों को खत्म करने में स्वास्थ्य टीमों का सहयोग करें, पीने के पानी की साफ-सफाई का ध्यान रखें और पानी को उबालकर या ठीक से साफ करके ही पिएं। साथ ही, लोगों से यह भी अपील की गई है कि वे मच्छरों के पनपने की जगहों के ड्रोन-आधारित सर्वे के दौरान स्वास्थ्य विभाग की टीमों का सहयोग करें।














