बीजिंग। चीनी प्राकृतिक संसाधन मंत्रालय के समुद्री विकास रणनीति संस्थान ने 'दक्षिण चीन सागर में फिलीपींस के क्षेत्रीय दावों का ऐतिहासिक और कानूनी आलोचना' शीर्षक वाली एक रिपोर्ट जारी की।
यह रिपोर्ट फिलीपींस की प्रादेशिक भूमि सीमाओं के निर्माण की प्रक्रिया की समीक्षा करती है और वर्षों से प्रादेशिक भूमि विस्तार के संबंध में उसके इरादों और कार्यों का विश्लेषण करती है।
रिपोर्ट में निष्कर्ष निकाला गया है कि फिलीपींस द्वारा अंतरराष्ट्रीय कानूनी वैधता वाली कई संधियों का उल्लंघन करते हुए हुआंगयेन द्वीप और नानशा द्वीप समूह के कुछ हिस्सों तक अपनी प्रादेशिक भूमि सीमाओं का विस्तार करने का प्रयास ऐतिहासिक रूप से निराधार है। यह प्रादेशिक भूमि अधिग्रहण सम्बंधी अंतरराष्ट्रीय कानून का भी स्पष्ट उल्लंघन है और इसका कोई ऐतिहासिक या कानूनी आधार नहीं है।
फिलीपींस की अवैध कार्रवाइयां न केवल अंतरराष्ट्रीय कानूनी व्यवस्था को चुनौती देती हैं, बल्कि क्षेत्रीय शांति और स्थिरता तथा अंतरराष्ट्रीय व्यवस्था के रखरखाव के लिए भी एक महत्वपूर्ण खतरा पैदा करती हैं।
पहली बात, फिलीपींस की भौगोलिक सीमाएं अंतर्राष्ट्रीय संधियों द्वारा निर्धारित हैं।
दूसरी, हुआंगयेन द्वीप और नानशा द्वीप समूह में फिलीपींस के भौगोलिक दावे निराधार हैं।
तीसरी, फिलीपींस के भौगोलिक विस्तार के प्रयासों से पहले ही गंभीर नुकसान हो चुका है।
(साभार- चाइना मीडिया ग्रुप, पेइचिंग)




