मुंबई, 13 मई । आज के समय में म्यूजिक सिर्फ मनोरंजन का जरिया नहीं रह गया है, बल्कि यह लोगों की भावनाओं को समझने और महसूस करने का एक तरीका भी है। इस कड़ी में मशहूर संगीत जोड़ी सचेत–परंपरा अपना नया गाना 'कामिल' लेकर आए है। यह गानासीधे दिल को छू लेने वाली कहानी पेश करता है।'कामिल' गाने को टी-सीरीज और भूषण कुमार के बैनर तले प्रस्तुत किया गया है। यह उस भावना को दिखाता है, जहां इंसान शब्दों से ज्यादा खामोशी में अपनी तकलीफ महसूस करता है। यह गाना खास तौर पर उस दर्द को दिखाता है जो किसी अपने को खोने के बाद धीरे-धीरे महसूस होता है। इसमें ब्रेकअप के बाद आने वाली खालीपन की भावना, बेचैनी और लगातार चलने वाले विचारों की उलझन को गहराई से पेश किया गया है।

'कामिल' को खुद सचेत और परंपरा ने गाया है और इसमें संगीत भी उन्हीं दोनों ने तैयार किया है। इसके बोल मशहूर गीतकार कौसर मुनीर ने लिखे हैं।

गाने में यह दिखाया गया है कि दिल टूटने पर पहले यादें दर्द बनती हैं, फिर अकेलापन बढ़ता है और धीरे-धीरे यह एहसास गहराता चला जाता है कि जिस इंसान को हमने खोया है, वह हमारे लिए कितना खास था। इस गाने में पॉप रॉक म्यूजिक दिया गया है।

इस गाने का म्यूजिक वीडियो सृष्टि रिया जैन ने निर्देशित किया है। वीडियो में सबसे पहले उन खुशहाल पलों की झलक दिखाई गई है, जो किसी रिश्ते की शुरुआत में होते हैं। लेकिन जैसे-जैसे कहानी आगे बढ़ती है, वही खुशियां धीरे-धीरे यादों में बदल जाती हैं और उनके साथ दर्द और अकेलापन जुड़ जाता है। वीडियो में यह बदलाव बेहद सहज तरीके से दिखाया गया है।

इस गाने को लेकर सचेत–परंपरा ने कहा, ''हमारा हमेशा यही प्रयास रहता है कि वे उन भावनाओं को संगीत दें, जिन्हें लोग अक्सर अपने अंदर छिपा लेते हैं। 'कामिल' सिर्फ एक गाना नहीं है, बल्कि यह एक ऐसी भावनात्मक अभिव्यक्ति है, जिसे एक अधूरी चिट्ठी की तरह महसूस किया जा सकता है। कई बार अपनी भावनाओं को शब्द देना ही सबसे बड़ा सुकून होता है, चाहे वह किसी तक पहुंचे या नहीं।''