कुशीनगर। उत्तर प्रदेश के कुशीनगर जिले में एक शर्मनाक मामला सामने आया है। यहां एक निजी स्कूल के प्रबंधक ने महिला शिक्षिका को ट्रांसफर सर्टिफिकेट (TC) बनाने के बहाने अपने ऑफिस में बुलाकर छेड़छाड़ की और शारीरिक संबंध बनाने का दबाव बनाया। पीड़िता द्वारा विरोध करने पर उसे जान से मारने की धमकी दी गई। पीड़िता की शिकायत पर पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी प्रबंधक को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया है।
5 मिनट 47 सेकंड के वीडियो में खुली प्रबंधक की पोल
घटना का 5 मिनट 47 सेकंड का एक वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आया है, जिसे महिला शिक्षिका ने अपने मोबाइल से रिकॉर्ड किया था। वीडियो में स्कूल प्रबंधक दिनेश राय महिला शिक्षिका के करीब जाकर छूने का प्रयास करता और अश्लील बातें करता दिख रहा है। बातचीत के दौरान आरोपी अपनी पत्नी की बीमारी का हवाला देते हुए शिक्षिका पर शारीरिक संबंध बनाने का अनैतिक दबाव डालता नजर आ रहा है। वीडियो में पीड़िता हिम्मत दिखाते हुए प्रबंधक को चेतावनी देती सुनाई दे रही है— “दूर रहिए। टच मत करिएगा। आपको हम मार देंगे।” शिक्षिका यह भी पूछती है कि अगर यही हरकत किसी की अपनी बेटी के साथ हो तो उसे कैसा लगेगा।
TC बनाने के बहाने ऑफिस में रोककर की वारदात
यह पूरा मामला कुशीनगर के रवींद्रनगर थाना क्षेत्र अंतर्गत सरस्वती चौक स्थित 'द रेनबो लोरेटो स्कूल' का है। कक्षा आठवीं तक के इस स्कूल का प्रबंधक दिनेश राय (निवासी मोतीछापर भिसवा) है। घटना 1 अक्टूबर (गुरुवार) की बताई जा रही है। आरोप है कि छुट्टी होने के बाद प्रबंधक ने महिला शिक्षिका को टीसी बनाने का बहाना बनाकर अपने केबिन में रोक लिया और दरवाजा बंद कर छेड़छाड़ शुरू कर दी। घटना के बाद पीड़िता ने गुरुवार रात ही पुलिस स्टेशन पहुंचकर लिखित शिकायत दर्ज कराई।
पुलिस की त्वरित कार्रवाई: केस दर्ज कर आरोपी को भेजा जेल
शिकायत मिलते ही पुलिस ने मामले को गंभीरता से लिया और शुक्रवार दोपहर करीब 1 बजे आरोपी प्रबंधक दिनेश राय को गिरफ्तार कर लिया। शाम 5 बजे उसे अदालत में पेश किया गया, जहां से जज ने उसे न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया।
पुलिस ने आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की गंभीर धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज किया है:
- BNS धारा 75 (यौन उत्पीड़न): यौन उत्पीड़न के इस अपराध में दोष सिद्ध होने पर 1 से 3 साल तक की कैद और जुर्माने का प्रावधान है।
- BNS धारा 115(2) (स्वेच्छा से चोट पहुंचाना): इस धारा में 1 साल तक की सजा या ₹10,000 तक का जुर्माना या दोनों हो सकते हैं।
- BNS धारा 351(3) (आपराधिक धमकी): गंभीर परिणाम या जान से मारने की धमकी देने के मामले में 7 साल तक की जेल या जुर्माने की सजा तय है।













