छतरपुर (सुबोध त्रिपाठी)। छतरपुर के कोतवाली थाना क्षेत्र में 15 मई की रात करीब 11 बजे सब कुछ आम दिनों जैसा ही था, लेकिन किसी को भनक नहीं थी कि शहर के बस स्टैण्ड क्षेत्र में कुछ दरिंदे एक मासूम लड़की को अपनी हवस का शिकार बनाने की साजिश रच चुके हैं।
वारदात का मुख्य सूत्रधार था रवि कुशवाहा, जो मूल रूप से डिगरिया गांव के रहने वाले दुर्गा प्रसाद कुशवाहा का पुत्र है और फिलहाल छतरपुर के महोबा रोड पर कृष्णा कॉलेज के पास ठिकाना बनाए हुए है। रवि ने अपने दो भांजों अरविंद कुशवाहा और रविन्द्र कुशवाहा को भी अपनी मंशा बताकर एक घिनौनी वारदात में शामिल किया। भांजा अरविन्द कुशवाहा 24 साल का है और नदनपुर गांव के दशरथ कुशवाहा का पुत्र है जबकि दूसरा भांजा रविन्द्र 19 साल का है और महाराजपुर थाना क्षेत्र के कुसमा गांव के मोतीलाल कुशवाहा का पुत्र हैं। अरविंद और रविन्द्र वर्तमान में छतरपुर के पठापुर रोड पर रहते हैं।
सूनसान इलाके में मिली लड़ी को बना लिया लक्ष्य
रवि ने अपने इन दोनों भांजों के साथ मिलकर 15 मई की रात किसी को अपनी हवस का शिकार बनाने का ताना-बाना बुना। योजना के तहत रवि कुशवाहा और रविन्द्र एक स्कूटी पर सवार होकर छतरपुर के बस स्टैंड इलाके में पहुंचे, जहां उन्हें एक नाबालिग बच्ची दिखाई दी। रात का वक्त था और इलाका सूनसान था जिसके चलते दोनों ने इसी लड़की को अपना लक्ष्य बनाया।
दोनों ने पहले लड़की को बहला-फुसलाकर और चोरी का मामला दर्ज कराने का भय दिखाकर साथ चलने के लिए कहा लेकिन जब लड़की नहीं मानी तो फिर जबरन उसे स्कूटी पर बैठाकर छतरपुर के पठापुर रोड पर बुन्देलखंड सिटी के पीछे मौजूद अरविन्द्र कुशवाहा के मकान में ले गए। शहर से थोड़ी दूर मौजूद इस सुनसान और एकांत इलाके दूर-दूर तक कोई चीख सुनने वाला नहीं था, बस फिर क्या रवि, अरविंद और रविन्द्र ने मानवीय संवेदनाओं और मर्यादाओं को ताक पर रखकर उस मासूम के साथ सामूहिक दुष्कर्म की रूह कंपा देने वाली वारदात को अंजाम दे डाला।
हवश का भूत उतरा, जब सताया कानून का डर
वारदात के बाद जब आरोपियों के सिर से हवश का भूत उतरा तो उन्हें कानून का डर सताने लगा। आरोपियों ने सबूत मिटाने और खुद महफूज ठिकाने पर पहुंचने की जल्दबाजी में पीड़िता को एक स्विफ्ट कार में बैठाया और वापिस बस स्टैंड पर छोड़ दिया। इतना ही नहीं आरोपियों ने लड़की को मुंह बंद रखने की चेतावनी देकर 1000 रुपए भी दिए और इसके बाद गाड़ी की रफ्तार बढ़ाते हुए अंधेरे में गायब हो गए। उन्हें लगा था कि रात के सन्नाटे में लिखी गई यह काली कहानी कभी सामने नहीं आएगी।
वहां पीड़ित किशोरी बदहवास हालत में शहर की सूनसान सड़कों पर भटक रही थी, तभी उसे गश्त पर घूम रहे छतरपुर सीएसपी की गाड़ी दिखाई दी। पुलिस वाहन लड़की के नजदीक आकर रुका, सीएसपी अरुण कुमार सोनी ने लड़की से बात की तो उसने पूरी घटना बताई। सीएसपी ने सबसे पहले कोतवाली और सिविल लाइन पुलिस को मौके पर बुलाकर लड़की को महिला डेस्क तक पहुंचाया, जहां उसके बयान दर्ज किए गए। पूरी कहानी सामने आने के बाद नाबालिग किशोरी की रिपोर्ट पर कोतवाली थाने में आरोपियों के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता, पॉक्सो एक्ट और अपहरण सहित अन्य धाराओं के तहत सामूहिक दुष्कर्म का अपराध पंजीबद्ध किया गया।
छतरपुर शहर में हुई इस गंभीर वारदात की सूचना मिलते ही नवागत एसपी रजत सकलेचा भी सक्रिय हुए। उन्होंने सबसे पहले बस स्टैंड के उस इलाके का मुआयना किया जहां से लड़की को उठाया और वापिस छोड़ा गया था। इसके साथ ही एसपी ने तुरंत आरोपियों के गिरफ्तारी पर 10 हजार का इनाम घोषित कर अमले को दिशा-निर्देश दिए, जिसके बाद पुरा पुलिस महकमा तुरंत एक्टिव हो गया।
वहां जब सागर जोन के पुलिस महानिरीक्षक यानि की IG मिथिलेश शुक्ला ने बिना वक्त गंवाए तीनों फरार आरोपियों पर घोषित इनाम की राशि को बढ़ाकर 25 हजार कर दिया। SP रजत सकलेचा ने खुद कमान संभालते हुए पुलिस की अलग-अलग टीमें मैदान में उतार दीं। इसके बाद शुरू हुआ पुलिस का ताबड़तोड़ एक्शन। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक आदित्य पटले और नगर पुलिस अधीक्षक अरुण कुमार सोनी के मार्गदर्शन में कोतवाली थाना प्रभारी निरीक्षक सतीश सिंह, सिविल लाइन थाना प्रभारी निरीक्षक आशुतोष श्रोत्रिय और साइबर सेल की टीमों ने रात-दिन एक कर दिया।
पुलिस ने घटना स्थल से लेकर आरोपियों के भागने वाले संभावित रास्तों के तमाम सीसीटीवी फुटेज खंगाले। बयानों की कड़ियों और तकनीकी साक्ष्यों को जोड़ते हुए पुलिस ने जाल बिछाया और महज 24 घंटे के भीतर इस पूरी सनसनीखेज वारदात का पर्दाफाश करते हुए तीनों इनामी आरोपियों को सलाखों के पीछे पहुंचा दिया। पुलिस ने उनके पास से वारदात में इस्तेमाल की गई स्कूटी और स्विफ्ट कार भी जब्त कर ली है। आरोपियों को चिन्हित करने और उन्हें पकड़ने में कोतवाली थाना में पदस्थ जिन दो पुलिसकर्मियों ने सबसे अहम भूमिका निभाई उनके नाम है दीपचंद्र और शिव प्रताप सिंह।
रविवार को पुलिस कंट्रोल रूम में एसपी रजत सकलेचा ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर इस पूरे मामले का खुलासा किया। फिलहाल छतरपुर पुलिस ने हैवान मामा-भांजों की इस तिकड़ी को सख्त कानूनी सजा दिलाने और न्यायालय में पेश करने की तैयारी पूरी कर ली है।



