गंगटोक। असम के गायक और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेता सिमंता शेखर ने मंगलवार को असम राज्य फिल्म (वित्त एवं विकास) निगम के अध्यक्ष पद से इस्तीफा देने की घोषणा की।इसके अलावा, उन्होंने भाजपा की असम राज्य कार्यकारी समिति से भी इस्तीफा दे दिया और पार्टी की प्राथमिक सदस्यता भी त्याग दी।
शेखर ने बताया कि उन्होंने अपना इस्तीफा पत्र असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा और राज्य भाजपा अध्यक्ष दिलीप सैकिया को सौंप दिया है।
असम राज्य फिल्म (वित्त एवं विकास) निगम की आधिकारिक वेबसाइट पर वर्तमान में शेखर को ही अध्यक्ष के रूप में सूचीबद्ध किया गया है।
शेखर ने एक बयान में कहा कि उनका इस्तीफा पूरी तरह से निजी कारणों से है और इसका भाजपा की विचारधारा, नीतियों या कामकाज से किसी भी तरह की असंतुष्टि से कोई संबंध नहीं है।
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि उनका यह निर्णय पार्टी के किसी भी व्यक्ति के खिलाफ नहीं है।
शेखर ने कहा कि मैंने पूरी तरह से निजी कारणों से पद छोड़ने का फैसला किया है। साथ ही यह भी साफ किया कि वे भविष्य में किसी भी राजनीतिक दल में शामिल नहीं होंगे या उससे जुड़े नहीं रहेंगे।
गायक से राजनेता बने शेखर ने भाजपा के नेताओं, कार्यकर्ताओं, समर्थकों और सहयोगियों को शुभकामनाएं दीं और आशा व्यक्त की कि पार्टी असम की जनता के लिए अपनी गतिविधियां और सेवाएं जारी रखेगी।
शेखर ने मुख्यमंत्री सरमा को भी अलग से शुभकामनाएं दीं और आशा जताई कि उनके नेतृत्व में असम विकास और प्रगति के पथ पर अग्रसर रहेगा। इस्तीफे के साथ ही शेखर ने भाजपा में अपनी संगठनात्मक जिम्मेदारियों और राज्य के फिल्म उद्योग में सरकार से जुड़े अपने पद से भी खुद को अलग कर लिया है।
सक्रिय राजनीति छोड़ने के बावजूद, शेखर ने कहा कि असम और असमिया समुदाय के साथ उनका जुड़ाव वैसा ही बना रहेगा। उन्होंने अपना बयान यह दोहराते हुए खत्म किया कि असम और असमिया समुदाय के प्रति उनका 'प्यार, सम्मान और प्रतिबद्धता' बनी रहेगी।
वह गायक के तौर पर असम के सांस्कृतिक और मनोरंजन जगत से जुड़े रहे हैं। उन्होंने सार्वजनिक जीवन में आने के बाद राज्य के फिल्म सेक्टर में भी जिम्मेदारियां निभाई हैं। उनका इस्तीफा ऐसे समय में आया है, जब असम में राजनीतिक गतिविधियां तेज हो रही हैं और पार्टियां राज्य में आगामी चुनावी और संगठनात्मक कार्यक्रमों की तैयारी कर रही हैं।




