मंदसौर, ललित शंकर धाकड़। जिले के मल्हारगढ़ विकासखंड के आदर्श ग्राम बालागुड़ा में आयोजित रात्रि चौपाल के दौरान प्रशासन की संवेदनशील कार्यशैली देखने को मिली। कलेक्टर अदिति गर्ग ने औपचारिकताओं से अलग हटकर ग्रामीणों के बीच जमीन पर बैठकर उनकी समस्याएं सुनीं और संबंधित अधिकारियों को उनके शीघ्र निराकरण के निर्देश दिए।


चौपाल में ग्रामीणों ने खुलकर अपनी समस्याएं प्रशासन के समक्ष रखीं। किसानों और पशुपालकों ने दूध का उचित मूल्य नहीं मिलने की समस्या उठाते हुए बताया कि उन्हें उनकी मेहनत के अनुरूप कीमत नहीं मिल रही है, जिससे आर्थिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। इसके अलावा गांव में जर्जर बिजली लाइनों और पुराने खंभों की समस्या भी प्रमुखता से सामने आई। ग्रामीणों ने आशंका जताई कि इनकी वजह से कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है।


ग्रामीणों ने गांव में बढ़ते अतिक्रमण तथा जंगली जानवरों द्वारा फसलों को पहुंचाए जा रहे नुकसान का मुद्दा भी उठाया। किसानों ने बताया कि फसलों को लगातार नुकसान होने से उन्हें आर्थिक हानि झेलनी पड़ रही है और इस समस्या के स्थायी समाधान की आवश्यकता है।


कलेक्टर अदिति गर्ग ने चौपाल में मौजूद विभिन्न विभागों के अधिकारियों को निर्देशित किया कि ग्रामीणों की समस्याओं का प्राथमिकता के आधार पर निराकरण सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि शासन की योजनाओं और सुविधाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना प्रशासन की जिम्मेदारी है।


रात्रि चौपाल के दौरान प्रशासन और ग्रामीणों के बीच सीधा संवाद स्थापित हुआ, जिससे लोगों को अपनी बात खुलकर रखने का अवसर मिला। ग्रामीणों ने उम्मीद जताई कि चौपाल में दिए गए निर्देश जल्द अमल में आएंगे और गांव की मूलभूत समस्याओं का समाधान होगा। कलेक्टर का ग्रामीणों के बीच जमीन पर बैठकर संवाद करना क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है।