हैदराबाद। तेलंगाना के भ्रष्टाचार विरोधी ब्यूरो (एसीबी) ने मंगलवार को निजाम्स इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज (एनआईएमएस) के अतिरिक्त अधीक्षक डॉ. एन लक्ष्मी भास्कर से जुड़े परिसरों पर तलाशी अभियान चलाया। उन पर ज्ञात आय स्रोतों से अधिक संपत्ति रखने का आरोप है।
एसीबी अधिकारियों ने सुबह से ही तीन जिलों के 13 स्थानों पर भास्कर और उनके परिवार के सदस्यों से जुड़े परिसरों पर एक साथ तलाशी अभियान चलाया।
तलाशी अभियान में मूसापेट स्थित कल्पतरु रेजीडेंसी में भास्कर के आवास और हैदराबाद में उनसे जुड़ी अन्य संपत्तियों पर भी तलाशी ली गई।
भास्कर पिछले 20 वर्षों से एनआईएमएस में कार्यरत हैं। वे पिछले पांच वर्षों से अतिरिक्त अधीक्षक के पद पर हैं।
यह तलाशी अभियान एसीबी द्वारा भास्कर पर ज्ञात आय स्रोतों से अधिक संपत्ति अर्जित करने के आरोपों की जांच का हिस्सा है। भास्कर पर पहले भी इसी तरह के आरोप लग चुके हैं।
भ्रष्टाचार विरोधी एजेंसी द्वारा आज बाद में तलाशी के नतीजों के बारे में विस्तृत जानकारी जारी किए जाने की संभावना है।
यह पहली बार है कि एसीबी हैदराबाद के प्रमुख सरकारी अस्पतालों में से एक, एनआईएमएस के एक शीर्ष अधिकारी से जुड़े परिसरों पर तलाशी अभियान चला रही है।
सोमवार को, एसीबी ने निजामाबाद नगर निगम के दो कर्मचारियों को कथित तौर पर 5,000 रुपए की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों पकड़ा।
आरोपियों की पहचान स्थापना अनुभाग के कनिष्ठ सहायक पाल्दा अशोक और लेखापरीक्षा अनुभाग के आउटसोर्सिंग कर्मचारी कलाकुंतला किरण कुमार के रूप में हुई है, जो निजामाबाद नगर निगम के आयुक्त के अधीन कार्यरत थे।
एसीबी के अनुसार, उन्होंने एक शिकायतकर्ता से वेतन वृद्धि की कार्यवाही तैयार करने और शिकायतकर्ता की मां की मासिक पेंशन स्वीकृत करने के लिए उनकी सेवा पुस्तिका में आवश्यक प्रविष्टियां और अन्य विवरण दर्ज करने के लिए रिश्वत की मांग की और स्वीकार की।
एसीबी ने कहा कि दोनों ने 15,000 रुपए का अनुचित लाभ उठाया और इस प्रकार अपने सार्वजनिक कर्तव्यों का बेईमानी और अनुचित तरीके से निर्वहन किया।
एजेंसी ने दोनों को गिरफ्तार कर विशेष न्यायालय के समक्ष पेश किया।




