बैंकॉक। थाईलैंड के नोनथाबुरी प्रांत स्थित स्कूल में हुई गोलीबारी ने एक और बच्ची की जान ले ली। मृतकों की संख्या बढ़कर नौ हो गई है। पुलिस के अनुसार, हमले में गंभीर रूप से घायल 12 वर्षीय बच्ची ने शनिवार को अस्पताल में दम तोड़ दिया। इस बीच कई सवालों के बीच ये भी कहा जाने लगा कि शायद ऑनलाइन गेम्स का आदी बच्चा स्कूल बुली का शिकार था। हालांकि उसके क्लासमेट ने इससे इनकार किया है।
कत्लेआम करने वाले बच्चे के दोस्त के हवाले से बैंकॉक पोस्ट ने बताया कि वो पढ़ने लिखने में बहुत अच्छा था और कभी भी दोस्तों के बीच कोई ऐसी हरकत नहीं की जिससे उस पर शक हो। उसको किसी ने बुली (धमकाया) नहीं किया। क्लासमेट ने ये भी बताया कि वो थाई भाषा में थोड़ा संघर्ष कर रहा था और उसे उस विषय का होमवर्क पसंद नहीं था। उसे सब्जेक्ट में जीरो ग्रेड दिए गए थे। स्कूल से मिली जानकारी के आधार पर बताया जा रहा है कि शूटिंग वाले दिन वो आराम से स्कूल पहुंचा। असेंबली में गया फिर मैथ्स के पीरियड (दूसरा था) में गोलीबारी शुरू कर दी थी।
वहीं, उसकी रिश्तेदार ने बताया कि उन्हें नहीं पता ये सब कैसे हुआ। क्योंकि वो पढ़ने में तेज था। स्कूल से सीधे घर पहुंचता था और कभी अपने दादा दादी को परेशान नहीं किया। छुट्टी पर भी समय घर पर ही बिताता था। अपने कमरे में कंप्यूटर पर बैठा रहता था। हालांकि उन्होंने ये नहीं बताया कि वो क्या करता था या फिर कौन से गेम खेलता था।
बता दें कि स्कूल में हमला शुक्रवार (7 अगस्त) को बैंकॉक के पास स्थित डेब्सिरिन नोनथाबुरी स्कूल में हुआ था। पुलिस के मुताबिक, 14 वर्षीय एक छात्र ने स्कूल पहुंचने से पहले अपने घर में अपने दादा-दादी की गोली मारकर हत्या कर दी थी। इसके बाद वह स्कूल पहुंचा और वहां शिक्षकों तथा कर्मचारियों पर गोली चला दी। बाद में उसने खुद को भी गोली मार ली।
हमले में 30 से अधिक लोग घायल हुए थे। इनमें से 14 लोग अभी अस्पताल में भर्ती हैं और सात की हालत गंभीर बताई गई है। मृतकों में स्कूल के शिक्षक और कर्मचारी भी शामिल हैं।
पुलिस के अनुसार, हमले में इस्तेमाल बंदूक हमलावर के दादा के नाम पर पंजीकृत थी। घटनास्थल से बड़ी संख्या में कारतूस भी बरामद किए गए। हमले के मकसद की जांच जारी है और पुलिस ने आरोपी के माता-पिता से भी पूछताछ की है।
घटना के बाद थाईलैंड में एक बार फिर बंदूक नियंत्रण और स्कूलों की सुरक्षा को लेकर सवाल उठने लगे हैं। प्रधानमंत्री अनुतिन चार्नवीराकुल ने हथियारों से जुड़े नियमों को और सख्त करने की बात कही है।
यह घटना थाईलैंड में हाल के वर्षों की सबसे गंभीर सामूहिक गोलीबारी की घटनाओं में शामिल है और 2022 में नोंग बुआ लाम्फू में हुए उस हमले की याद भी ताजा करती है, जिसमें 37 लोगों की मौत हुई थी।




