अमरपाटन (सतना), नरेन्द्र कुशवाहा। सतना जिले के जनपद पंचायत अमरपाटन अंतर्गत आने वाले ग्राम कोंतर से मानवता को झकझोर कर रख देने वाली और प्रशासनिक दावों की पोल खोलती एक दुखद तस्वीर सामने आई है। गाँव के मुख्य रास्ते पर अतिक्रमण और आधे-अधूरे सड़क निर्माण के चलते एक मृतक के घर तक शव वाहन (मुक्तिवाहन) पहुँच ही नहीं सका। मजबूरन परिजनों और ग्रामीणों को मृतक के पार्थिव शरीर को चार कंधों पर उठाकर काफी दूर तक कीचड़ भरे रास्ते से ले जाना पड़ा।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, ग्राम कोंतर की मुख्य बस्ती को मुख्य मार्ग से जोड़ने वाला एक मात्र सार्वजनिक रास्ता है, जिससे होकर सैकड़ों परिवारों का आवागमन होता है। हालांकि, रास्ते पर कुछ दबंगों और प्रभावशाली लोगों द्वारा अवैध कब्जा कर अतिक्रमण कर लिया गया है, जिसके कारण चौड़ी सड़क सिमटकर महज एक संकरी पगडंडी बनकर रह गई है। इसके साथ ही गाँव में सड़क का निर्माण भी आधा-अधूरा छोड़ दिया गया है। बारिश के मौसम में इस मार्ग पर भारी कीचड़ और जलभराव हो जाने से ग्रामीणों का पैदल चलना तक दूभर हो गया है। गाँव के निवासियों ने बताया कि सार्वजनिक रास्ते से अवैध कब्जा हटवाने और पक्की सड़क का निर्माण कराने के लिए ग्राम पंचायत और स्थानीय प्रशासन से कई बार गुहार लगाई जा चुकी है, लेकिन अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है। बारिश के दिनों में स्कूली बच्चों, बीमार बुजुर्गों और सामान्य ग्रामीणों को रोजमर्रा के कामों के लिए इसी कीचड़ से होकर गुजरना पड़ता है।


प्रशासनिक दावों पर उठे गंभीर सवाल, कार्रवाई का इंतजार

एक तरफ जहाँ सरकार हर गाँव और बस्ती को सुगम सड़कों से जोड़ने के बड़े-बड़े दावे करती है, वहीं कोंतर गाँव की यह तस्वीर सरकारी दावों की जमीनी हकीकत बयां कर रही है। घटना का वीडियो और तस्वीरें सामने आने के बाद ग्रामीणों ने प्रशासन से तत्काल संज्ञान लेकर रास्ते को अतिक्रमण मुक्त कराने और पक्की सड़क का निर्माण कराने की पुरजोर मांग की है। अब देखना यह होगा कि खबर उजागर होने के बाद प्रशासनिक महकमा क्या कदम उठाता है या कागजों तक ही सिमट कर रह जाएगा सड़क का निर्माण।