भोपाल। मतदाता सूची के स्पेशल समरी रिवीजन (SIR) में कथित गड़बड़ियों और 'वोट चोरी' के आरोपों को लेकर कांग्रेस ने चुनाव आयोग के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। देशभर में मुख्य निर्वाचन आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के विरोध में जारी प्रदर्शनों की कड़ी में सोमवार को मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में भी कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने जोरदार शक्ति प्रदर्शन किया। प्रदेश कांग्रेस कार्यालय (PCC) से अरेरा हिल्स स्थित मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी (CEO) कार्यालय का घेराव करने निकले प्रदर्शनकारियों पर पुलिस ने वाटर कैनन (पानी की बौछार) का इस्तेमाल कर उन्हें आगे बढ़ने से रोक दिया। कांग्रेस नेताओं ने राहुल गांधी द्वारा SIR और मतदाता सूची को लेकर उठाए गए सवालों को गंभीर बताते हुए मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के तत्काल इस्तीफे की मांग की है।


बैरिकेड्स पर धक्का-मुक्की, पुलिस ने छोड़ी पानी की बौछारें

दोपहर के वक्त प्रदेश कांग्रेस कार्यालय से वरिष्ठ नेताओं के नेतृत्व में सैकड़ों की तादाद में कार्यकर्ता हाथों में तख्तियां और झंडे लेकर रैली की शक्ल में निकले। जैसे ही यह मार्च अरेरा हिल्स स्थित मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी कार्यालय की ओर बढ़ा, पहले से तैनात भारी पुलिस बल ने लोहे की मजबूत बैरिकेडिंग लगाकर उन्हें रोक लिया। प्रदर्शनकारी बैरिकेड्स पर चढ़कर आगे बढ़ने का प्रयास करने लगे, जिससे पुलिस और कार्यकर्ताओं के बीच तीखी नोकझोंक, धक्का-मुक्की और झूमाझटकी शुरू हो गई। हालात बेकाबू होते देख पुलिस ने हल्का वाटर कैनन चलाकर पानी की तेज बौछारें छोड़ीं, जिसके बाद प्रदर्शनकारियों को पीछे हटना पड़ा और स्थिति नियंत्रण में आई।


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दिग्विजय सिंह, जीतू पटवारी समेत कई दिग्गज रहे मौजूद

इस विशाल प्रदर्शन में कांग्रेस के तमाम शीर्ष नेता अग्रिम पंक्ति में खड़े नजर आए। इनमें पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह, पीसीसी चीफ जीतू पटवारी, कांग्रेस प्रदेश प्रभारी हरीश चौधरी, नेता प्रतिपक्ष कमल सिंह रावत सहित कई पूर्व मंत्री, विधायक और भारी संख्या में कार्यकर्ता शामिल थे। नेताओं ने सड़क पर ही बैठकर आयोग और केंद्र सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और अपना विरोध दर्ज कराया।


'संवैधानिक मर्यादा तार-तार, नैतिक आधार पर इस्तीफा दें CEC'

प्रदर्शन के दौरान वरिष्ठ नेताओं ने कहा कि नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने देश के सामने मतदाता सूची और SIR प्रक्रिया में गड़बड़ी के जो दस्तावेजी खुलासे किए हैं, चुनाव आयोग उन पर निष्पक्ष जवाब देने के बजाय अनदेखी कर रहा है। कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में 'वोट चोरी' सबसे गंभीर अपराध है। आयोग की निष्पक्षता पूरी तरह संदिग्ध हो चुकी है, लिहाजा मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार को अपनी नैतिक जिम्मेदारी स्वीकार करते हुए तत्काल प्रभाव से अपने पद से इस्तीफा दे देना चाहिए। कार्यकर्ताओं ने चेतावनी दी कि यदि मतदाता सूचियों में पारदर्शिता नहीं बरती गई, तो यह आंदोलन प्रदेश की हर विधानसभा और तहसील स्तर तक ले जाया जाएगा।