मुंबई। 'अनुपमा' में राही का किरदार निभा रहीं टीवी एक्ट्रेस अद्रिजा रॉय ने वर्ल्ड मेंटल हेल्थ डे से पहले मानसिक स्वास्थ्य को लेकर खुलकर बात की है। आईएएनएस को दिए इंटरव्यू में एक्ट्रेस ने कहा कि आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में मानसिक शांति सबसे ज्यादा प्रभावित हो रही है। ऐसे में जरूरी है कि हम अपनी भावनाओं को समझें, जरूरत पड़ने पर ब्रेक लें और अपनी मानसिक शांति को प्राथमिकता दें।आईएएनएस से बात करते हुए अद्रिजा रॉय ने कहा, ''लोग अक्सर अपनी परेशानियों को छिपाकर सबके सामने सामान्य दिखने की कोशिश करते हैं। उन्हें लगता है कि अगर उन्होंने स्वीकार कर लिया कि वह किसी मुश्किल दौर से गुजर रहे हैं, तो लोग उन्हें जज करेंगे या गलत समझेंगे। ऐसा सोचने के बजाय अपनी भावनाओं को स्वीकार करना चाहिए। कई बार बेहतर महसूस करने की शुरुआत यहीं से होती है।''
काम और पब्लिक लाइफ के दौरान मिलने वाले कमेंट्स पर बात करते हुए अद्रिजा ने कहा, ''हर बात को दिल पर लेना सही नहीं है। हर व्यक्ति की आपके बारे में अपनी राय हो सकती है, लेकिन खुद को आपसे बेहतर कोई नहीं जानता। मैं कोशिश करती हूं कि अपना ध्यान उन लोगों और चीजों पर रखूं, जो सच में मेरे लिए मायने रखते हैं और बाहरी लोगों की हर राय को अपनी मानसिक शांति पर हावी न होने दूं।''
उन्होंने आगे कहा, ''जब इंसान शारीरिक और मानसिक रूप से इतना थक जाए कि हर काम बोझ या जिम्मेदारी जैसा लगने लगे, तब रुककर खुद को समय देना जरूरी है। कुछ समय के लिए ब्रेक लेना आलस नहीं है। कई बार खुद को थोड़ा धीमा करना जरूरी होता है, ताकि इंसान दोबारा पूरी ताकत के साथ वापस आ सके। मेरा मानना है कि लगातार काम करते रहने को ही मजबूती समझना सही नहीं है। शरीर और दिमाग दोनों को आराम की जरूरत होती है।''
एक्ट्रेस ने कहा, ''दूसरों की उम्मीदों का बोझ इस कीमत पर मत उठाओ कि वह आपकी मानसिक शांति पर ही असर डाल दें। मैं हमेशा खुद को याद दिलाती हूं कि हर किसी को हर समय खुश रखना संभव नहीं है। मैंने धीरे-धीरे अपनी सीमाएं तय करना और जरूरत पड़ने पर 'नहीं' कहना सीखा है। शुरुआत में यह आसान नहीं था, लेकिन समय के साथ मुझे समझ आया कि अपनी शांति को बचाना स्वार्थी होना नहीं है।''
उन्होंने आगे कहा, ''जिंदगी का हर दौर गुजर जाता है। हो सकता है कि किसी परेशानी के दौरान हमारे पास सभी सवालों के जवाब तुरंत न हों, लेकिन ऐसे समय में खुद पर भरोसा रखना और खुद को समय देना जरूरी है। हर मुश्किल हमेशा के लिए नहीं रहती और वक्त के साथ चीजें बदलती हैं।''
सोशल मीडिया के दौर में तुलना को लेकर अद्रिजा ने कहा, ''सोशल मीडिया पर लोग अक्सर अपनी जिंदगी का सिर्फ वही हिस्सा दिखाते हैं, जिसे वे दूसरों के सामने रखना चाहते हैं। ऐसे में किसी और की खूबसूरत तस्वीरों या परफेक्ट दिखने वाली जिंदगी से अपनी तुलना करना सही नहीं है। असल जिंदगी, अपने करीबियों और खुद से जुड़े रहना ज्यादा जरूरी है।''













