छतरपुर। छतरपुर जिले में मिलावटी, अमानक और प्रतिबंधित खाद्य पदार्थों के कारोबार पर अंकुश लगाने के लिए जिला प्रशासन सख्त रुख अपनाए हुए है। कलेक्टर मृणाल मीना के निर्देशन में खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 के तहत लगातार जांच और कार्रवाई की जा रही है। इसी कड़ी में अपर कलेक्टर एवं न्याय निर्णायक अधिकारी विनय द्विवेदी ने खाद्य सुरक्षा नियमों की अवहेलना करने से जुड़े तीन अलग-अलग प्रकरणों में कुल 4 लाख 75 हजार रुपये का भारी अर्थदंड अधिरोपित करने का आदेश जारी किया है। इन मामलों में प्रतिबंधित तंबाकूयुक्त खाद्य पदार्थों का निर्माण-विक्रय और बिना अनिवार्य पंजीयन के बेकरी संचालन शामिल है।
नौगांव में मास्टरजी व मेडम जी सुपारी में मिला तंबाकू, ₹2.25 लाख का अर्थदंड
न्याय निर्णायक अधिकारी द्वारा पारित आदेश के अनुसार, नौगांव क्षेत्र स्थित एक गुटखा फैक्टरी के प्रभारी राहुल यादव के यहां खाद्य सुरक्षा दल ने छापामार कार्रवाई की थी। इस दौरान 'मास्टरजी स्वादिष्ट सुपारी' (पैक्ड), 'मेडम जी स्वादिष्ट सुपारी' (पैक्ड) और खुले में रखी तंबाकू मिश्रित सुपारी (लूज) के नमूने जब्त कर परीक्षण हेतु राज्य खाद्य विश्लेषक प्रयोगशाला, भोपाल भेजे गए थे। लैब की जांच रिपोर्ट में ये नमूने तंबाकूयुक्त पाए गए। खाद्य पदार्थों में तंबाकू का मिश्रण प्रतिबंधित होने के बावजूद इनका विक्रय पाए जाने पर अदालत ने इसे गंभीर उल्लंघन माना और संबंधित प्रभारी पर ₹2.25 लाख का जुर्माना लगाया। साथ ही जब्त सामग्री को पूरी तरह नष्ट (विनष्टीकरण) करने के आदेश भी दिए।
गुटखा गोदाम प्रभारी पर ₹2.25 लाख की पेनाल्टी, नष्ट होगा माल
दूसरे प्रकरण में नौगांव क्षेत्र के ही एक गुटखा गोदाम के प्रभारी प्रदीप सिंह यादव के परिसर से तंबाकूयुक्त गुटखा (लूज) एवं पैराफिन ऑयल (लूज) के नमूने जांच के लिए भोपाल लैब भेजे गए थे। जांच में इन सैंपलों में भी प्रतिबंधित तंबाकू की मिलावट प्रमाणित हुई। न्यायालय ने मानव स्वास्थ्य से खिलवाड़ और नियमों की अवहेलना पर कड़ा रुख अपनाते हुए गोदाम प्रभारी पर ₹2.25 लाख का जुर्माना अधिरोपित किया। इसके साथ ही गोदाम से जब्त तंबाकूयुक्त पदार्थों के विनिष्टीकरण का आदेश पारित किया गया है।
बिना रजिस्ट्रेशन कारोबार करने पर राधिका बेकरी पर ₹25 हजार का जुर्माना
तीसरी कार्रवाई छतरपुर शहर के पठापुर रोड स्थित राधिका बेकरी पर की गई है। बेकरी संचालक ममता अरजरिया एवं नितिन अरजरिया द्वारा बिना वैध व विहित खाद्य रजिस्ट्रेशन के ही खाद्य कारोबार संचालित किया जा रहा था। इसे खाद्य सुरक्षा मानकों की सीधी अवहेलना मानते हुए न्याय निर्णायक अधिकारी विनय द्विवेदी ने खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 की धारा 58 के तहत प्रदत्त शक्तियों का उपयोग कर संबंधित पक्षकारों पर 25 हजार रुपये का अर्थदंड लगाने का आदेश पारित किया।
प्रशासन की इस कड़ी कार्रवाई से जिले के खाद्य कारोबारियों, गुटखा व सुपारी निर्माताओं और अवैध संचालनकर्ताओं में हड़कंप मच गया है। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि खाद्य सुरक्षा मानकों की अनदेखी और प्रतिबंधित पदार्थों का कारोबार करने वालों के खिलाफ आगे भी शून्य सहनशीलता (Zero Tolerance) की नीति जारी रहेगी।














