छतरपुर/लवकुशनगर, जावेद खान। छतरपुर जिले के लवकुशनगर क्षेत्र अंतर्गत टहनँगा शासकीय माध्यमिक स्कूल में सोमवार को उस वक्त भारी अफरा-तफरी और दहशत का माहौल निर्मित हो गया, जब कक्षा में पढ़ाई के दौरान कमरे की छत का प्लास्टर अचानक भरभराकर नीचे गिर पड़ा। हादसे के वक्त कमरे में करीब 30 मासूम बच्चे बैठकर पढ़ाई कर रहे थे। अचानक छत से सीमेंट और कंक्रीट का भारी मलबा नीचे गिरते ही कक्षा में चीख-पुकार मच गई। बच्चों की डर और दहशत से भरी चीखें सुनकर स्कूल परिसर और आसपास के लोग दौड़कर कमरे की ओर पहुंचे।
गनीमत यह रही कि इस गंभीर हादसे में सभी बच्चे बाल-बाल बच गए और कोई भी मासूम सीधे मलबे की गंभीर चपेट में नहीं आया, जिससे एक बड़ा और दर्दनाक हादसा होने से टल गया। घटना के बाद घबराए और सहमे बच्चों को तत्काल कक्षा से बाहर सुरक्षित स्थान पर निकाला गया। इस अप्रत्याशित घटना से स्कूल में काफी देर तक हड़कंप और अफरा-तफरी की स्थिति बनी रही।
इस हादसे ने शिक्षा विभाग और स्कूल भवनों के संधारण व सुरक्षा व्यवस्था की पोल खोलकर रख दी है। जर्जर भवनों की मरम्मत और सुरक्षा मानकों को लेकर प्रशासन के दावों के बीच यह सवाल खड़ा हो रहा है कि जब स्कूल की छतें ही सुरक्षित नहीं हैं, तो इन मासूम बच्चों की जान और सुरक्षा की जिम्मेदारी आखिर किसकी है? स्थानीय नागरिकों और अभिभावकों ने घटना पर गहरा रोष व्यक्त करते हुए स्कूल भवन की तत्काल तकनीकी जांच कराने और जिम्मेदार अधिकारियों पर जवाबदेही तय करने की मांग की है।













