लखनऊ। उत्तर प्रदेश विधान परिषद चुनाव के लिए मतगणना मंगलवार को शुरू होने के साथ ही राज्य सरकार के मंत्री अनिल राजभर ने विश्वास जताया कि भाजपा सभी 11 सीटों पर बड़े अंतर से जीत हासिल करेगी।अनिल राजभर ने कहा कि शुरुआती रुझान भाजपा उम्मीदवारों के पक्ष में हैं और पार्टी को सभी क्षेत्रों में मतदाताओं का मजबूत समर्थन मिला है।

उन्होंने कहा, "मतगणना शुरू हो गई है और शुरुआती रुझान भाजपा उम्मीदवारों के पक्ष में हैं। इसमें कोई संदेह नहीं है कि भाजपा सभी सीटों पर बड़े अंतर से जीतने जा रही है। हम लगातार क्षेत्रों में मौजूद रहे हैं और हमने देखा है कि मतदाताओं ने हमारे उम्मीदवारों को कितना समर्थन और आशीर्वाद दिया है। मैं विश्वास के साथ कह सकता हूं कि कोई अनिश्चितता या संदेह नहीं है। भाजपा सभी सीटें जीतने जा रही है।"

विधान परिषद चुनाव के नतीजों पर सभी की नजर है क्योंकि इसे अगले साल फरवरी या मार्च में होने वाले उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव से पहले एक बड़ी सियासी परीक्षा के रूप में देखा जा रहा है।

11 सीटों के लिए मतदान 23 अक्टूबर को हुआ था जिसमें 55.24 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया था। 11 सीटों में से पांच स्नातक निर्वाचन क्षेत्र हैं, जिनमें लखनऊ, आगरा, मेरठ, वाराणसी और इलाहाबाद-झांसी शामिल हैं। बाकी छह शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र हैं, जिनमें लखनऊ, आगरा, मेरठ, वाराणसी, गोरखपुर-फैजाबाद और बरेली-मुरादाबाद शामिल हैं।

शुक्रवार को हुए मतदान के दौरान गोरखपुर में हिंसा की घटनाएं भी सामने आईं, जहां भाजपा और समाजवादी पार्टी (सपा) के कार्यकर्ताओं के बीच झड़प हुई। दोनों दलों ने एक-दूसरे पर मतदान प्रक्रिया को प्रभावित करने की कोशिश का आरोप लगाया।

वहीं, आगरा में अनियमितताओं के आरोपों के बाद तीन बूथों पर दोबारा मतदान की सिफारिश की गई है। फिलहाल 11 निवर्तमान सदस्यों में से 6 भाजपा के हैं जबकि सपा के 3 हैं। बाकी दो सदस्य निर्दलीय हैं। सत्तारूढ़ पार्टी नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार और योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व वाली राज्य सरकार के कामों का हवाला देते हुए सभी 11 सीटें जीतने का लक्ष्य लेकर चल रही है।

यह चुनाव मौजूदा सदस्यों का कार्यकाल 6 दिसंबर को समाप्त होने से पहले हो रहा है। सपा ने भी तीन मौजूदा सदस्यों (आशुतोष सिन्हा, डॉ. मान सिंह यादव और लाल बिहारी यादव) को एक और कार्यकाल के लिए चुनावी मैदान में उतारा है।