हैदराबाद। हैदराबाद में गणेश जुलूस के दौरान अजगर का इस्तेमाल करने पर वन्यजीव संरक्षण नियमों के उल्लंघन पर मामला दर्ज किया गया। इस दौरान नृत्य प्रदर्शन में इस्तेमाल किए गए अजगर और एक मुर्गी को भी बचाया गया।दरअसल, गणेश विसर्जन जुलूस के दौरान गले में अजगर लपेटकर नृत्य करने वाली एक महिला ने सनसनी मचा दी। विशाखापत्तनम के एक नृत्य समूह ने जवाहर नगर में गणेश विसर्जन जुलूस के दौरान एक भारतीय रॉक अजगर का इस्तेमाल किया।
ग्रेटर हैदराबाद सोसाइटी फॉर प्रिवेंशन ऑफ क्रुएल्टी टू एनिमल्स (जीएचएसपीसीए) और पुलिस ने रविवार रात नृत्य प्रदर्शन में इस्तेमाल किए गए अजगर और एक मुर्गी को बचाया।
जीएचएसपीसीए के सदस्यों ने मधुरा नगर पुलिस स्टेशन के पुलिस अधिकारियों के साथ मिलकर तब कार्रवाई की जब विशाखापत्तनम का समूह गणेश विसर्जन जुलूस के दौरान प्रदर्शन कर रहा था।
जीएचएसपीसीए के मुताबिक, अजगर के मुंह में संक्रमण था, अब उसका पशु चिकित्सक द्वारा इलाज किया जा रहा है। जीएचएसपीसीए ने पुलिस की मदद से लगभग पांच दिनों तक अजगरों के समूह का पता लगाने के बाद बचाव अभियान चलाया।
अजगर वन्यजीव (संरक्षण) अधिनियम, 1972 के तहत संरक्षित प्रजाति है। सूचना मिलने के बाद जीएचएसपीसीए के सदस्य इस समूह पर नजर रख रहे थे कि सार्वजनिक प्रदर्शनों में एक जीवित सांप का इस्तेमाल किया जा रहा है।
महिलाओं सहित यह समूह गणेश चतुर्थी उत्सव के दौरान हैदराबाद के विभिन्न स्थानों पर प्रदर्शन कर रहा था। विशाखापत्तनम के इस समूह ने 19 सितंबर को कोंडापुर में प्रदर्शन किया था।
पशु अधिकार कार्यकर्ताओं की शिकायत पर पुलिस ने मामला दर्ज कर आगे की जांच शुरू कर दी है।
पिछले साल, जीएचएसपीसीए ने हैदराबाद में सपेरों से आठ कोबरा बचाए थे। ये सपेरे आदिबतला पुलिस स्टेशन के अंतर्गत सुरमगुट्टा स्थित श्री येल्लम्मा थाली देवालयम में कोबरा को पिंजरों में रखकर प्रदर्शित कर रहे थे।
संगठन लोगों से अपील करता रहा है कि अगर उन्हें कोई सपेरा दिखे तो उसे सूचित करें। इसके स्वयंसेवक नाग पंचमी के दौरान सांपों को बचाने के लिए सक्रिय रूप से काम करते हैं।




