मंदसौर, ललित शंकर धाकड़। मंदसौर पुलिस ने साइबर अपराध के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए मैट्रिमोनियल साइट के जरिए ठगी करने वाले अंतर्राज्यीय गिरोह का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने गिरोह के छह आरोपियों को जयपुर और बिहार से गिरफ्तार किया है। प्रारंभिक जांच में गिरोह द्वारा 100 से अधिक वारदातों में करीब 11 करोड़ रुपये की ठगी किए जाने की जानकारी सामने आई है। पुलिस को गिरोह के अंतरराष्ट्रीय कनेक्शन के भी संकेत मिले हैं, जिसकी जांच जारी है।
पुलिस के अनुसार शामगढ़ निवासी एक महिला ने मैट्रिमोनियल वेबसाइट पर अपनी प्रोफाइल बनाई थी। आरोपियों ने खुद को NRI बताकर उससे संपर्क किया और नकली फोटो तथा कथित परिजनों के जरिए व्हाट्सएप पर बातचीत कर विश्वास हासिल किया। शादी का झांसा देने के बाद विदेश से महंगा गिफ्ट भेजने की बात कही गई। इसके बाद गिफ्ट कस्टम में पकड़े जाने और टैक्स व प्रोसेसिंग फीस के नाम पर महिला को डराकर अलग-अलग बैंक खातों में करीब 7.5 लाख रुपये ट्रांसफर करा लिए गए।
शिकायत के बाद शामगढ़ थाने में मामला दर्ज कर पुलिस ने विशेष टीम गठित की। टीम ने 150 से अधिक म्यूल बैंक खातों और म्यूल मोबाइल सिम का विश्लेषण किया। जांच के आधार पर जयपुर में दबिश देकर पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया गया, जबकि गिरोह के मुख्य सरगना को बिहार के अरवल जिले से पकड़ा गया।
जांच में सामने आया कि गिरोह में अलग-अलग टीमें काम करती थीं। विदेश में बैठे कॉलर मैट्रिमोनियल साइट के जरिए लोगों को अपने जाल में फंसाते थे। आगरा, फिरोजाबाद, दिल्ली, बिहार और भोपाल से म्यूल बैंक खाते व सिम उपलब्ध कराए जाते थे। दूसरी टीम अलग-अलग राज्यों में ठिकाने बनाकर ठगी की रकम निकालती और CDM के माध्यम से खातों में जमा करती थी। बैंक खाता फ्रीज होने के बाद मोबाइल, सिम, पासबुक और ATM कार्ड नष्ट कर दिए जाते थे। पुलिस को आरोपियों के पास से 22 एंड्रॉयड मोबाइल, 30 म्यूल सिम और 5 ATM कार्ड मिले हैं। वहीं विभिन्न बैंक खातों में 8 लाख रुपये से अधिक की राशि फ्रीज कराई गई है। पुलिस के अनुसार न्यायालयीन प्रक्रिया पूरी होने के बाद यह राशि पीड़िता को वापस दिलाने की कार्रवाई की जाएगी।














