नई दिल्ली। मीराबाई चानू ने बुधवार को शानदार प्रदर्शन करते हुए एशियन गेम्स 2026 में सिल्वर मेडल अपने नाम किया। यह इस टूर्नामेंट में उनका अब तक का पहला मेडल है। देश के लिए ऐतिहासिक मेडल जीतने पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने बधाई दी है।राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, "मैं एशियन गेम्स 2026 में महिलाओं की 49 किग्रा वेटलिफटिंग स्पर्धा में सिल्वर मेडल जीतने पर मीराबाई चानू को हार्दिक बधाई देती हूं। इस उपलब्धि से भारत को 28 साल बाद एशियन गेम्स में वेटलिफटिंग में मेडल मिला है। ओलंपिक, एशियन गेम्स, कॉमनवेल्थ गेम्स और विश्व चैंपियनशिप सहित कई प्रतिष्ठित इंटरनेशनल टूर्नामेंटों में मेडल जीतने के साथ, आपका सफर युवा पीढ़ी के खिलाड़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत है।"

उपराष्ट्रपति सी.पी.राधाकृष्णन ने भी मीराबाई चानू को सिल्वर मेडल जीतने पर बधाई दी। उन्होंने अपने एक्स पर लिखा, "महिलाओं के 49 किलोग्राम वेटलिफ्टिंग इवेंट में सिल्वर मेडल जीतने पर मीराबाई चानू को हार्दिक बधाई। उनका अटूट संकल्प और शानदार निरंतरता देश को प्रेरित करती रहती है, और भारत को उन पर बहुत गर्व है।"

भारत के रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने भी मीराबाई के प्रदर्शन की सराहना की। उन्होंने लिखा, "एशियन गेम्स 2026 में महिलाओं के 49 किग्रा वेटलिफ्टिंग इवेंट में सिल्वर मेडल जीतने पर मीराबाई चानू को बहुत-बहुत बधाई। उनके शानदार टैलेंट, कड़ी मेहनत और लगन ने हमें गौरवान्वित किया है। उनके भविष्य के प्रयासों के लिए शुभकामनाएं।"

मीराबाई चानू ने एशियन गेम्स में 28 साल का सूखा खत्म करते हुए देश को वेटलिफ्टिंग में मेडल दिलाया। मीराबाई ने 49 किलोग्राम वर्ग में कुल 198 किलो का भार उठाकर सिल्वर मेडल जीता। उन्होंने स्नैच राउंड के पहले प्रयास में 83, दूसरे प्रयास में 85 और तीसरी कोशिश में 87 किलो का भार उठाया। इसके बाद क्लीन एंड जर्क राउंड में भी मीराबाई का प्रदर्शन शानदार रहा।

उन्होंने अपने पहले प्रयास में 107 किलो का वजन उठाया, जबकि दूसरे प्रयास में 111 किलो का भार उठाते हुए अपना सिल्वर मेडल पक्का किया। एशियन गेम्स में वेटलिफ्टिंग में भारत की झोली में आखिरी मेडल साल 1998 में आया था। मीराबाई पिछले एशियन गेम्स में मेडल लाने से चूक गई थीं और चौथे स्थान पर रही थीं।