छतरपुर, विनोद मिश्रा। जिले के ग्राम बंधा स्थित समिति केंद्र में करीब 10 हजार क्विंटल गेहूं खुले आसमान के नीचे पड़ा हुआ है। गेहूं स्कूल परिसर में लगभग दो एकड़ से अधिक क्षेत्र में रखा गया है, जिससे अब केंद्र पर जगह की भी भारी कमी हो गई है। समिति प्रबंधक ने प्रशासन से जल्द परिवहन व्यवस्था कराने की मांग की है।


समिति प्रबंधक का कहना है कि केंद्र में रखा लगभग 90 प्रतिशत गेहूं जूट की बोरियों में भरा हुआ है, प्लास्टिक बारदाना उपलब्ध नहीं है। ऐसे में यदि अचानक बारिश होती है तो गेहूं खराब होने का बड़ा खतरा बन सकता है। वहीं खुले में पड़े गेहूं में दीमक लगने की शिकायत भी सामने आई है। समय रहते परिवहन नहीं होने पर हजारों क्विंटल अनाज के सडऩे और खराब होने की आशंका जताई जा रही है।


बताया जा रहा है कि बारदाने की लगातार कमी बनी हुई है, जिसके कारण खरीदी व्यवस्था प्रभावित हो रही है। दूसरी ओर जिन किसानों के गेहूं की तुलाई हो चुकी है, उनके खातों में अब तक भुगतान नहीं पहुंचा है। भुगतान में देरी से किसान बैंकों के चक्कर काटने को मजबूर हैं।


कई किसानों ने बताया कि उन्हें बेटियों की शादी और साहूकारों के कर्ज चुकाने के लिए पैसों की तत्काल जरूरत है, लेकिन भुगतान अटकने से उनकी परेशानियां बढ़ती जा रही हैं। किसानों और समिति प्रबंधन ने प्रशासन से जल्द परिवहन और भुगतान व्यवस्था सुचारु कराने की मांग की है, ताकि नुकसान की स्थिति से बचा जा सके।