नई दिल्ली, 13 मई । बुधवार को जारी एक रिपोर्ट के मुताबिक, वैश्विक आर्थिक और भू-राजनीतिक अनिश्चितताओं के बावजूद भारत में अप्रैल 2026 के दौरान 22.8 अरब डॉलर के कुल 220 सौदे दर्ज किए गए।ग्रांट थॉर्नटन भारत की रिपोर्ट में कहा गया है कि महीने के दौरान हुए पांच अरब डॉलर से अधिक मूल्य वाले बड़े सौदों ने कुल 17.4 अरब डॉलर का योगदान दिया, जो कुल डील वैल्यू का करीब 80 प्रतिशत है।

रिपोर्ट में कहा गया कि मर्जर एंड एक्विजिशन (एमएंडए) गतिविधियां कुल डील वैल्यू की सबसे बड़ी वजह रहीं। अप्रैल में 18.7 अरब डॉलर मूल्य के 103 एमएंडए सौदे दर्ज किए गए, जो मई 2022 के बाद सबसे अधिक मासिक एमएंडए वैल्यू है।

महीने-दर-महीने आधार पर एमएंडए सौदों का मूल्य करीब 1000 प्रतिशत बढ़ा, जबकि डील वॉल्यूम में 10 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई।

वहीं, आउटबाउंड गतिविधियां डील मार्केट में सबसे प्रभावशाली रहीं। इस दौरान 17.7 अरब डॉलर मूल्य के 21 आउटबाउंड ट्रांजैक्शन हुए।

प्राइवेट इक्विटी (पीई) निवेश के मामले में भी बाजार में चुनिंदा लेकिन मजबूत वृद्धि देखने को मिली। अप्रैल में 3.2 अरब डॉलर मूल्य के 109 सौदों की घोषणा की गई।

हालांकि, पीई डील की मात्रा (वॉल्यूम) घटकर साल के सबसे निचले मासिक स्तर पर आ गई, जबकि डील मूल्य (वैल्यू) इस साल अब तक के दूसरे सबसे उच्च स्तर पर बने रहे, जो कम लेकिन बड़े लेन-देन की ओर बदलाव का संकेत देता है।

इसके अलावा, सार्वजनिक पूंजी बाजार भी महीने के दौरान सक्रिय रहे। अप्रैल में 6 आईपीओ के जरिए 450 मिलियन डॉलर जुटाए गए, जबकि दो क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल प्लेसमेंट (क्यूआईपी) से 548 मिलियन डॉलर जुटाए गए।

ग्रांट थॉर्नटन भारत की शांति विजेता के अनुसार, भारत के डील मार्केट ने अप्रैल में मजबूत प्रदर्शन किया और बड़े आउटबाउंड सौदों की वापसी देखने को मिली।

उन्होंने कहा कि भारतीय कंपनियों द्वारा किए गए वैश्विक अधिग्रहण उनकी बढ़ती रणनीतिक महत्वाकांक्षा को दर्शाते हैं, जबकि आईपीओ और क्यूआईपी में लगातार सक्रियता भारत के मजबूत पूंजी बाजार तंत्र को दिखाती है।

सेक्टर के हिसाब से फार्मास्युटिकल सेक्टर डील वैल्यू के मामले में सबसे आगे रहा। वहीं, इंफ्रास्ट्रक्चर और मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में भी बड़े सौदों के जरिए मजबूत गतिविधियां देखने को मिलीं।

रिपोर्ट के अनुसार, रिटेल एवं कंज्यूमर और आईटी एवं आईटीईएस सेक्टर डील मात्रा के लिहाज से सबसे सक्रिय क्षेत्र रहे। वहीं, रियल एस्टेट सेक्टर पहली बार एमएंडए वॉल्यूम के मामले में सबसे सक्रिय सेक्टर बनकर उभरा और ऊर्जा एवं प्राकृतिक संसाधन सेक्टर के साथ संयुक्त रूप से 16-16 सौदों के साथ शीर्ष पर रहा।